ये बात तो हम सभी जानते हैं कि भारत की राजधानी दिल्ली है, लेकिन बात अगर इतिहास की करें तो पहले भारत की राजधानी कलकत्ता (अब कोलकाता) हुआ करती थी। 13 फरवरी, 1931 को दिल्ली को आधिकारिक तौर पर राजधानी घोषित कर दिया गया। ऐसा इसलिए क्योंकि भौगोलिक दृष्टि से दिल्ली देश के मध्य में स्थित था। उसी समय से लेकर अब तक भारत की राजधानी दिल्ली ही है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से कुछ ऐसे देशों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने खास वजहों से अपनी राजधानी बदल दी।
दुनिया के वो 5 देश, जो बदल चुके हैं अपनी राजधानी, कहीं जगह की कमी तो कहीं था भूकंप का खतरा
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ब्राजील
करीब 200 साल तक रियो डि जेनेरो ब्राजील की राजधानी था, लेकिन 1960 में ब्राजीलिया को देश की नई राजधानी बना दिया गया। इसके पीछे वजह ये थी कि रियो डि जेनेरो बहुत भीड़भाड़ वाला शहर है और यहां सरकारी भवन भी काफी दूर थे। इसके अलावा यहां ट्रैफिक की समस्या भी बहुत रहती थी।
बोलिविया
वैसे तो संवैधानिक तौर पर बोलिविया की राजधानी सुक्रे है, लेकिन सरकारी परिसर ला पाज में स्थित है। वर्ष 1899 तक संसद से लेकर सबकुछ सुक्रे में ही था, लेकिन गृहयुद्ध के बाद सभी तरह के सरकारी दफ्तरों को ला पाज में स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि, देश की न्यायपालिका अभी भी सुक्रे में ही है।
नाइजीरिया
1914 में लागोस नाइजीरिया की राजधानी बना था। एक अक्टूबर, 1960 को अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद तक यह शहर देश की राजधानी बना रहा। बाद में साल 1976 में नाइजीरिया के राष्ट्राध्यक्ष जनरल मुर्तला मोहम्मद ने घोषणा की कि अबुजा को राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा। 12 दिसंबर, 1991 को आधिकारिक तौर पर अबुजा को नाइजीरिया की राजधानी घोषित कर दिया गया।
म्यांमार
पहले बर्मा नाम से जाने जाने वाले म्यांमार की राजधानी फिलहाल नैप्यीदा है। इससे पहले साल 1948 से लेकर छह नवंबर, 2005 तक यांगून (रंगून) देश की राजधानी हुआ करता था, लेकिन बाद में देश के सैन्य शासकों ने इसकी राजधानी बदल कर नैप्यीदा कर दी। हालांकि इसके पीछे का कारण नहीं बताया गया।