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Bihar News: जयप्रभा सेतु पर 18 वर्षों से परिचालन जारी, पर विधिवत उद्घाटन की राह में अटके दो राज्य

Fri, 11 Oct 2024 07:52 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Fri, 11 Oct 2024 07:52 PM IST
सार

Bihar News: जयप्रभा सेतु पर 18 वर्षों से परिचालन जारी, पर विधिवत उद्घाटन की राह में अटके दो राज्य
Chhapra: Operation has been going on on Jayprabha bridge for 18 years but it has not been formally inaugurated
 

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Chhapra: Operation has been going on on Jayprabha bridge for 18 years but it has not been formally inaugurated
दो राज्यों को जोड़ने वाले जयप्रभा सेतु का उद्घाटन कब होगा? - फोटो : अमर उजाला

लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने अपने जीवन में कभी भी राज्यों या जिलों के बीच विभाजन या मतभेद नहीं किया। लेकिन उनके नाम पर बने जयप्रभा सेतु का विधिवत उद्घाटन आज तक नहीं हो पाया है। हालांकि पिछले 18 वर्षों से इस पुल पर वाहनों का परिचालन जारी है, लेकिन बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच इसे लेकर कोई औपचारिक सहमति नहीं बन पाई है। यह पुल उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ता है और इसे हाजीपुर से गाजीपुर जाने वाले राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-31 (एनएच-31) पर घाघरा नदी पर बनाया गया है।


 

Chhapra: Operation has been going on on Jayprabha bridge for 18 years but it has not been formally inaugurated
दो राज्यों को जोड़ने वाले जयप्रभा सेतु का उद्घाटन कब होगा? - फोटो : अमर उजाला

स्थानीय नामकरण और पुल की अधूरी कहानी
जयप्रभा सेतु का निर्माण स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा किया गया नामकरण है। हालांकि, इस पुल का शिलान्यास कब और किसने किया, इस बारे में कोई शिलालेख या आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री रामनरेश यादव और बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर ने संयुक्त रूप से इसका शिलान्यास किया था। इसके बावजूद, निर्माण कार्य में काफी देरी हुई और पुल निर्माण लंबे समय तक ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।
 
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने इसके निर्माण को पुनर्जीवित करने की दिशा में पहल की और इसे केंद्रीय पुल विभाग को सौंपा। अंततः 2005 में पुल का निर्माण पूरा हुआ, लेकिन इसके बावजूद उद्घाटन या लोकार्पण नहीं हो सका। इसके बावजूद, 2006 से ही इस पुल पर वाहनों का परिचालन शुरू हो गया। तब से इसे बिना उद्घाटन के ही दोनों राज्यों के लिए महत्वपूर्ण संचार मार्ग के रूप में उपयोग किया जा रहा है।
 

Chhapra: Operation has been going on on Jayprabha bridge for 18 years but it has not been formally inaugurated
दो राज्यों को जोड़ने वाले जयप्रभा सेतु का उद्घाटन कब होगा? - फोटो : अमर उजाला

दो राज्यों का महत्वाकांक्षी पुल
जयप्रभा सेतु का एक छोर उत्तर प्रदेश में और दूसरा बिहार में है, जिससे यह दोनों राज्यों के लिए विशेष महत्व रखता है। पुल का 25 प्रतिशत हिस्सा बिहार में जबकि 75 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश की सीमा में आता है। बिहार की ओर से पुल के निर्माण और रखरखाव को अच्छी तरह से संपन्न किया गया है, जिसमें स्वागत द्वार और उत्पाद पुलिस चौकी का भी निर्माण शामिल है। इस पुल से होते हुए बिहार के मुख्यमंत्री और सैकड़ों बड़े राजनेता तथा अधिकारियों का आना-जाना होता है। खासकर जब सिताब दियारा में जयप्रकाश नारायण की जयंती के कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इसके बावजूद, यह पुल आज भी बिना आधिकारिक उद्घाटन के परिचालन में है।
 

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Chhapra: Operation has been going on on Jayprabha bridge for 18 years but it has not been formally inaugurated
दो राज्यों को जोड़ने वाले जयप्रभा सेतु का उद्घाटन कब होगा? - फोटो : अमर उजाला

समानांतर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण
हालांकि, अब जयप्रभा सेतु के समानांतर एक ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। यह नई सड़क परियोजना जयप्रभा सेतु पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और उत्तर प्रदेश तथा बिहार के बीच संचार को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन सवाल यह उठता है कि जयप्रभा सेतु, जो दोनों राज्यों के लिए बेहद अहम है, का उद्घाटन कब होगा?

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