रोहतास जिले के तिलौथू प्रखंड क्षेत्र में बीते दो दिनों पूर्व हुई मूसलाधार बारिश के बाद रविवार को ड्रोन से ली गई तस्वीर के अनुसार आज भी दर्जनों गांव में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। हालांकि कई गांवों में बाढ़ का पानी उतरने से स्थिति सामान्य हो चुकी है, लेकिन कई गांवों में लोग अब भी घरों में कैद हैं और बाढ़ के पानी के निकलने का इंतजार कर रहे हैं। इन गांवों में नाव के सहारे लोग खाने पीने एवं अन्य जरूरी वस्तुएं ढो रहे हैं और बेबसी में जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं।
54 घरों ने ली जल समाधि
एक सर्वे के मुताबिक तिलौथू प्रखंड क्षेत्र में तकरीबन 54 घर बाढ़ के पानी में समाधि ले चुके हैं। जिसमें तिलौथू प्रखंड एवं सोन तटीय क्षेत्रों के चटनी बीघा, मदारीपुर, तिलौथू, तुतही, रेडिया, भीषड़ा समेत कई गांव शामिल हैं और चारों तरफ सिर्फ पानी हीं पानी नजर आ रहा है।
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भारी बारिश से नुकसान
- फोटो : अमर उजाला
तुतला भवानी में झूला और सड़क ध्वस्त
वहीं तिलौथू प्रखंड स्थित मां तुतला भवानी वाटरफॉल का नजारा भी डराने वाला है। यहां पर्यटकों के लिए बनाए गए झूला, रेलिंग, शेड, चेंजिंग रूम आदि पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं और वाटर फाल तक जाने वाली सड़क भी बह चुकी है। हालांकि वन विभाग ने फिलहाल पर्यटकों के आने जाने पर रोक लगा दी है और सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का प्रयास चल रहा है। रविवार को मां तुतला भवानी धाम परिसर की भी ड्रोन से एक तस्वीर ली गई, जिससे पता चलता है कि यहां अब भी बाढ़ जैसे हालात हैं और वॉटरफॉल अपने उफान पर दिख रहा है।
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चारों ओर पानी-पानी
- फोटो : अमर उजाला
मांझर कुंड का भी रौद्र रूप
दरिगांव थाना क्षेत्र के मांझर कुंड का भी रविवार को रौद्र रूप देखने को मिला। हालांकि पूरे वर्ष यहां सैलानियों का जमावड़ा लगा रहता है, लेकिन कुंड के तेज बहाव को देखते हुए वन विभाग ने यहां भी अस्थाई रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। पहाड़ी नदी का बहाव इतना तेज है कि वहां बने एक पुल के ऊपर से पानी बह रहा है और उसमें कई जगह दरारें भी आ गईं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगभग 35 वर्ष बाद मांझर कुंड का इतना विकराल रूप दिखा है।
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भारी बारिश के बाद भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
सासाराम के विभिन्न इलाकों में भारी जल जमाव
इधर जिला मुख्यालय सासाराम के आसपास बहने वाले नदी, नहर एवं नालों भी लबालब भरे हैं, जिससे शहर की जल निकासी भी अवरूद्ध हो चुकी है। शहर के अधिकांश हिस्सों में भारी जल जमाव है और पानी घटने का नाम नहीं ले रहा है। सदर अस्पताल समेत अधिकांश सरकारी कार्यालय एवं रिहायशी इलाकों में एक से दो फीट पानी भरा है। हालांकि नगर निगम द्वारा जल निकासी के लिए प्रयास किये जा रहे हैं, लेकिन पानी घटने की बजाय कई इलाकों में बढ़ता दिख रहा है।