बिहार के मुंगेर में हीट वेब की चपेट में आने से एक दारोगा की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह तीन महीने पहले शेखपुरा से मुंगेर आए थे। भोजपुर जिले के बड़हरा थाना क्षेत्र के चातर गांव निवासी दारोगा ददन प्रसाद सिंह 59 वर्ष 3 माह की आयु के थे। वह च्वाइस पोस्टिंग चाहते थे, लेकिन मिली नहीं थी। वह दो माह से रुके हुए वेतन को लेकर भी काफी चिंतित थे। ईद के दिन 17 मिनट देरी से ड्यूटी पर पहुंचने के कारण उनका वेतन रोक दिया गया था।
जानकारी के मुताबिक, मुंगेर जिले के यातायात थाने में पदस्थापित दरोगा ददन प्रसाद सिंह की हीट वेब की चपेट में आ गए थे। उसके बाद गुरुवार की देर रात एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गुरुवार की दोपहर ड्यूटी के दौरान दरोगा ददन प्रसाद सिंह की तबीयत बिगड़ने लगी थी। उसके बाद उन्होंने ड्राइवर से पुलिस लाइन स्थित अपने बैरक में पहुंचाने के लिए कहा। पुलिस लाइन पहुंचने के बाद उन्होंने पानी और ओआरएस का घोल पिया। फिर लघुशंका के लिए गए। वहां से लौटते समय अचानक चक्कर खाकर गिर गए और बेहोश हो गए।
उसके बाद पुलिस लाइन के जवानों की मदद से उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से उन्हीं के मोबाइल से पुलिस के जवानों ने उनके बेटे को फोन किया कि उनके पिता की तबीयत खराब है, वे लोग जल्दी मुंगेर पहुंचें। इस दौरान सदर अस्पताल में स्थित नाजुक होने पर उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को पुलिस लाइन लाया गया। जहां एसपी सैयद इमरान मसूद ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किया। इसके बाद परिजनों को दारोगा का शव सौंप दिया गया और पुलिस के वाहन से भोजपुर के लिए रवाना कर दिया गया।
2 of 3
दारोगा ददन प्रसाद सिंह को अंतिम सलामी देते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
इधर, पति की मौत के बाद मृतक दारोगा ददन प्रसाद सिंह की पत्नी कल्याणी देवी चीत्कार मारकर रोने लगीं और कहने लगीं कि उनका दो माह से वेतन बंद था, जिसके कारण वह काफी डिप्रेशन में चल रहे थे। हमें पैसा नहीं चाहिए। वहीं, ददन प्रसाद सिंह के बड़े बेटे अंकुर प्रकाश ने बताया कि ईद के दिन उनके पिता ड्यूटी पर 17 मिनट विलंब से पहुंचे थे। इस कारण डीएसपी ट्रैफिक ने उनके पिता के खिलाफ एसपी को रिपोर्ट किया था। इसके बाद से उनके पिताजी का वेतन बंद कर दिया गया था। इस मामले को लेकर उनके पिता एसपी से भी मिले थे। तब एसपी साहब ने उन्हें अराइवल रिपोर्ट भिजवाने को कहा था, लेकिन डीएसपी ट्रैफिक अराइवल रिपोर्ट देने में अकारण विलंब कर रहे थे। इसके कारण उनके पिता चिंतित चल रहे थे।
अंकुर प्रकाश ने बताया कि उनके पिता का स्थानांतरण चुनाव से पूर्व मुंगेर हुआ था। वे शेखपुरा से मुंगेर आए थे। उनकी उम्र 59 वर्ष तीन माह थी। उन्होंने स्थानांतरण के समय च्वाइस पोस्टिंग के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उन्हें च्वाइस पोस्टिंग नहीं मिली थी। नौ माह बाद वह सेवानिवृत्त होने वाले थे। मृतक दारोगा ददन प्रसाद अपने पीछे अपनी पत्नी कल्याणी देवी, तीन बेटे अतुल आनंद, अंकुर प्रकाश और अंकित शाहावादी को छोड़ गए हैं।
3 of 3
दारोगा ददन प्रसाद सिंह को अंतिम सलामी देते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि दारोगा ददन प्रसाद सिंह यातायात थाने में पदस्थापित थे। गुरुवार को ड्यूटी के बाद उनकी तबीयत अचानक खराब हुई। उनके इलाज के लिए पूरा प्रयास किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। अभी यह क्लियर नहीं है कि किस कारण से उनकी मृत्यु हुई है। पहले से उनकी तबीयत खराब थी। हो सकता है कि उसके कारण मृत्यु हुई हो। शोक सलामी के बाद उनके परिजनों को पार्थिव शरीर को सौंप दिया और पटना के लिए रवाना कर दिया गया। जहां उनका अंतिम संस्कार होगा। पुलिस फोर्स अनुशासित होती है, यहां नियम के अनुसार काम होता है। परिजनों के आरोपों की जांच कराई जाएगी।