बिहार के बेगूसराय जिला निवासी आंगनवाड़ी सेविका की बेटी कशिश कायनात ने जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय एंट्रेंस एग्जाम में जनरल कोटा में देश भर में प्रथम स्थान लाकर बिहार और बेगूसराय का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही कशिश कायनात बिहार की पहली ऐसी छात्रा बन गईं हैं, जिन्होंने इस एंट्रेंस एग्जाम में टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। कशिश कायनात के इस कामयाबी से न सिर्फ परिवार के लोग फूले समा रहे हैं, बल्कि उसे बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
कशिश कायनात ने यह सफलता सेल्फ स्टडी के माध्यम से पहली कोशिश में ही हासिल की है। यह कामयाबी दूसरे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कशिश कायनात को यह कामयाबी देश भर से शामिल 18 हजार 500 छात्र छात्राओं के बीच मिली है। कशिश आगे जाकर आईएएस ऑफिसर बनकर समाज के लोगों की सेवा करना चाहती हैं। इसके पहले भी सीबीएसई की आयोजित परीक्षा में 94.6 फीसदी अंक लाकर अपनी दम दिखाई थी।
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कशिश आगे आईएएस बनकर बेहतर समाज के लिए काम करना चाहती हैं
- फोटो : अमर उजाला
देश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए मशहूर जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली ने इंटर एडमिशन परीक्षा के लिए 27 अप्रैल को प्रवेश परीक्षा आयोजित की थी। यह परीक्षा देश भर के 34 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में बेगूसराय की बेटी कशिश कायनात ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। कशिश कायनात बेगूसराय नगर थाना क्षेत्र के नवाब चौक पोखरिया मोहल्ला निवासी आंगनबाड़ी सेविका सीमा खुर्शीद और एक उर्दू अखबार में पत्रकार महफूजुर रशीद की इकलौती बेटी हैं। 13 मई को सीबीएसएस बोर्ड द्वारा जारी मैट्रिक रिजल्ट में भी कशिश ने 94.6 फीसदी अंक हासिल कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया था।
कशिश ने बताया कि विश्वविद्यालय के इंटर साइंस में प्रवेश के लिए देश भर से 18 हजार 700 बच्चों ने आवेदन प्राप्त हुए थे। उनमें से कुल 18 हजार 500 छात्र और छात्राओं ने इस एंट्रेंस एग्जाम में हिस्सा लिया था, जिसमें इंटर साइंस में मात्र 150 सीटें थी। इनमें से 75 सीटें विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए आरक्षित हैं। जबकि केवल 75 सीटों पर ही बाहरी उम्मीदवारों के लिए प्रवेश तय था। इन 75 में से सामान्य वर्ग के लिए केवल 19 सीटें हैं और बाकी सीटें एससी-एसटी, ओबीसी आदि के लिए हैं। इन 19 सीटों पर पांच हजार से ज्यादा सामान्य वर्ग के उम्मीदवार थे। इन सभी में कशिश को ऑल इंडिया में पहली रैंक हासिल हुई है। उन्होंने बताया कि इस एग्जाम के लिए उन्होंने घर पर ही रहकर कड़ी मेहनत की थी। उनका लक्ष्य आगे जाकर आईएएस बनना है ताकि वे समाज के बेहतरी के लिए काम कर सकें। इस काम के लिए उनके माता पिता उनके प्रेरणा स्रोत हैं, जिनकी बदौलत ही उन्होंने यह कामयाबी हासिल की है।
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मां, पिता और भाई के साथ कशिश कायनात
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, इस संबंध में पिता महफूज राशिद ने बताया कि यह उनके लिए काफी खुशी का पल है जिसका वर्णन वह नहीं कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मुस्लिम परिवार में पहले लड़कियों की शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता था। पर आज मुस्लिम परिवार में भी शिक्षा की अलख जगी है, जिसके कारण मुस्लिम परिवार की बच्चियां भी अब पढ़ाई में आगे आ रही हैं। उन्होंने बताया कि कशिश ने ऑल इंडिया लेवल में जनरल कैटेगरी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है जो उनके लिए एक खुशी का पल है। उन्होंने बताया कि कशिश ने अपनी मेहनत की बदौलत यह मुकाम हासिल किया है वह लोग सिर्फ उसका ख्याल रखते थे। उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब जामिया के एंट्रेंस एग्जाम में बिहार की लड़की ने पहला स्थान हासिल किया है।
वहीं, इस संबंध में मां सीमा खुर्शीद ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया कि कशिश की इस कामयाबी का श्रेय खुद कशिश को जाता है। उन लोगों को यह उम्मीद नहीं थी कि उनकी लड़की ऑल इंडिया लेवल पर टॉप करेगी। कशिश की इस कामयाबी पर पूरा परिवार काफी खुश है। कशिश जो भी बनना चाहें, वह उनका अपना फैसला होगा। वह और पूरा परिवार उसके साथ है, कशिश पर कोई दवाब नहीं है।