बिहार के गया में ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ अभियान को लेकर गांव के रास्तों के बिजली के खंभों सहित कई जगहों पर क, ख, ग का वर्णमाला के पोस्टर लगाए गए हैं। ताकि बच्चों को पढ़ाई बोझ न लगे। बच्चे घर के बाहर खेलते, सैर करते और बोधगया के रास्ते से गुजरते हुए भी पढ़ाई कर सकते हैं। यह अनूठी पहल बोधगया के एक बौद्ध भिक्षु राहुल सांकृत्यायन ने की है। जानकारी के मुताबिक, बोधगया थाना क्षेत्र के मोचारिम गांव में बौद्ध भिक्षु सांकृत्यायन गरीब बच्चों को शिक्षित करने के लिए निःशुल्क विद्यालय चला रहे हैं। लेकिन लॉकडाउन के समय विद्यालय को बंद करना पड़ा था।
बौद्ध भिक्षु का अनूठा प्रयास: बच्चे रास्ते पर चलते हुए भी कर सकेंगे पढ़ाई, जानें क्या है अक्षर आंदोलन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Fri, 01 Mar 2024 06:08 PM IST
सार
Gaya: Children will be able to study while walking on road, Buddhist monk Rahul Sankrityayan, Akshar Andolan
बौद्ध भिक्षु का अनूठा प्रयास: बच्चे रास्ते पर चलते हुए भी कर सकेंगे पढ़ाई, जानें क्या है अक्षर आंदोलन
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