बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी के कारण शराब के नशे का कारोबार बंद होने से सूखे नशे के कारोबार में इजाफा हुआ है। इस वजह से युवाओं में वैकल्पिक सूखे नशीले पदार्थों ब्राउन सुगर, अफीम, हेरोइन, गांजा और सुलेशन जैसे अन्य नशे की लत खासकर बढ़ रही है और नशे का कारोबार फल फूल रहा है। औरंगाबाद के दाउदनगर के इलाके में सूखे नशे के कारोबार की शिकायतें आम हैं। दो दिन पहले ही पुलिस ने 29 पुड़िया ब्राउन सुगर के साथ नशे के एक कारोबारी को दबोचा था। इसी सिलसिले में आम आवाम को खासकर नशे के सेवन के दुष्परिणामों से आगाह करने, जागरूकता लाने और नशीली वस्तुओं के कारोबारियों के खिलाफ सतत अभियान जारी रखने के लिए शासन-प्रशासन पर जन दबाव बनाने के उदेश्य से बुधवार को दाउदनगर में सामाजिक कार्यकर्ता और लोजपा (रामविलास) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रकाश चंद्रा ने जन जागरूकता मार्च निकाला।
Bihar: औरंगाबाद में नशे के कारोबार के खिलाफ सड़क पर उतरे एलजेपीआर कार्यकर्ता, जागरूकता मार्च निकाल जताया आक्रोश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Wed, 04 Sep 2024 08:42 PM IST
सार
Bihar: औरंगाबाद में नशे के कारोबार के खिलाफ सड़क पर उतरे एलजेपीआर कार्यकर्ता, जागरूकता मार्च निकाल जताया आक्रोश
Aurangabad: LJPR workers took to streets against drug trade, expressed anger by taking out an awareness march
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