फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बिहार में नोटबंदी का असर, कैश न होने पर बिना पैसे लिए पिंडदान कर रहे पंडित

Tue, 15 Nov 2016 03:26 PM IST
टीम डिजीटल/ अमर उजाला /दिल्ली
टीम डिजीटल/ अमर उजाला /दिल्ली Updated Tue, 15 Nov 2016 03:26 PM IST
विज्ञापन
Demonetization impacts the tradition of ‘Pind Daan’ in Gaya
- फोटो : social media

बिहार के गया में लोगों को नोटबंदी के चलते पिंडदान करने में दिक्कत रही है। लेकिन नोटबंदी के बाद पिंडदान कराने पहुंच रहे श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

श्रद्धालुओं को हो रही है दिक्कत

Demonetization impacts the tradition of ‘Pind Daan’ in Gaya
- फोटो : ANI
हालांकि पंडितों का कहना है कि यहां श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत नहीं हो रही है। हम बिना नोट के ही पिंडदान करा रहे हैं। 

पिंडदान से सात पीढ़ियों को मिलता है मोक्ष

Demonetization impacts the tradition of ‘Pind Daan’ in Gaya
- फोटो : ANI
बता दें कि हिंदू मान्यताओं और वैदिक परम्परा के अनुसार पुत्र का पुत्रत्व तभी सार्थक होता है, जब वह अपने जीवित माता-पिता की सेवा करें और उनके मरणोपरांत उनकी बरसी पर तथा पितृपक्ष में उनका विधिवत श्राद्ध करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

नोटबंदी से परेशानी

Demonetization impacts the tradition of ‘Pind Daan’ in Gaya
- फोटो : ANI
एक पिंडदान कराने पहुंचे श्रद्धालु का कहना है कि नोटबंदी से यहां समस्या हो रही है। 500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने और नए नोट नहीं मिलने के कारण नकदी की समस्या है। लेकिन मंदिर प्रशासन हर संभव मदद कर रहा है।
विज्ञापन

माता सीता के श्राप के कारण यहां होता है पिंडदान

Demonetization impacts the tradition of ‘Pind Daan’ in Gaya
- फोटो : ani
गया शहर के पूर्वी छोर पर पवित्र फल्गु नदी बहती है। माता सीता के श्राप के कारण यह नदी अन्य नदियों के तरह नहीं बह कर भूमि के अंदर बहती है इसलिए इसे 'अंत सलीला' भी कहते हैं।  
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed