Toyota Kirloskar Motor (टोयोटा किर्लोस्कर मोटर) ने बुधवार को एलान किया है कि वह एक जनवरी 2022 से भारत में पेश जाने वाले अपने सभी कार मॉडलों की कीमतों में बढ़ोतरी करेगी। जिसमें बेस्टसेलर Fortuner (फॉर्च्यूनर) एसयूवी और Innova Crysta (इनोवा क्रिस्टा) शामिल हैं। मीडिया को जारी एक बयान में, टोयोटा ने बताया कि 'कीमत में बदलाव' की आवश्यकता 'कच्चे माल सहित इनपुट लागत में लगातार बढ़ोतरी' के कारण हुई है। कंपनी ने आगे कहा कि उसने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि लागत में वृद्धि का प्रभाव उसके ग्राहकों पर कम से कम पड़े।
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Toyota Fortuner Limited-Edition
- फोटो : Toyota
टोयोटा अब उन कार और दोपहिया वाहन निर्माता कंपनियों में शुमार हो गई है जिसने अपने मॉडलों की रेंज पर कीमतों में बढ़ोतरी का एलान किया है। इनपुट की बढ़ती कीमतों और सेमीकंडक्टर चिप की वैश्विक कमी के कारण देश में कई ब्रांडों के लिए बड़ी चुनौतियां पैदा हो गई हैं।
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Toyota Innova Crysta Facelift 2020
- फोटो : Toyota
हाल के महीनों में नए और साथ ही फेसलिफ्ट मॉडल के कई हाई-प्रोफाइल लॉन्च हुए हैं। इनमें से कई उत्पादों के लिए वेटिंग पीरियड भी बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक खास तौर पर लोकप्रिय छोटे और एसयूवी वाहनों के कुछ वेरिएंट्स में कई महीनों का वेटिंग पीरियड चल रहा है।
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Toyota Innova Crysta Facelift 2020 Rear
- फोटो : Toyota
देश में कोविड-19 मामलों में कमी के साथ वाहनों की मांग बढ़ रही है। लेकिन उत्पादन चक्र और आपूर्ति के मुद्दे एक खतरा पैदा कर रहे हैं जो 2022 में भी दूर होने की संभावना नहीं है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने हाल ही में जिक्र किया है कि नवंबर का फेस्टिव सीजन करीब एक दशक में सबसे खराब था। फाडा ने खासतौर पर चिप संकट की ओर इशारा किया कि यह उत्पादन को प्रभावित कर रहा है, जिससे डीलरों को डिलीवरी पर असर पड़ रहा है। नवंबर में यात्री वाहनों का रजिस्ट्रेशन 3,24,542 यूनिट्स रहा, जो पिछले साल के फेस्टिव सीजन की अवधि में 4,39,564 यूनिट्स से 26 प्रतिशत कम है।
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Toyota Fortuner and Legender
- फोटो : Toyota India
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने भी मौजूदा चुनौतियों पर रोशनी डाला है। सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा, "वाहन निर्माता वित्तीय वर्ष 2021-22 के शुरुआती हिस्से में बिक्री में भारी गिरावट से उबरने के लिए त्योहारी सीजन पर दांव लगा रहे थे। हालांकि, सेमीकंडक्टर्स की कमी और कच्चे माल की लागत में भारी बढ़ोतरी वाहन उद्योग का खेल बिगाड़ने का एक बड़ा कारण रहा है।"