Tata Motors (टाटा मोटर्स) और Mahindra (महिंद्रा) उन वाहन निर्माताओं की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्हें घरेलू मूल्य प्रमाणपत्र हासिल हुआ है। जिसका मतलब है कि वे जल्द ही केंद्र सरकार की प्रॉडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के जरिए इंसेंटिव हासिल कर सकेंगे। यह ऐसे समय में हुआ है जब केंद्र ने पीआईएल-योजना की समयसीमा को मार्च, 2028 तक एक और वर्ष के लिए बढ़ाने का एलान किया है। केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने एलान किया कि ऑटो सेक्टर के लिए 25,938 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना की समय सीमा को समीक्षा के बाद बढ़ा दिया गया है।
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Mahindra Car Plant
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इन दो कार निर्माताओं के अलावा, चार और कंपनियों ने पीएलआई भुगतान के लिए प्रमाणन के लिए आवेदन किया है। कार निर्माताओं के लिए केंद्र से प्रोत्साहन हासिल करने के लिए प्रमाणपत्र महत्वपूर्ण है। सरकार को उम्मीद है कि अगले महीने तक 23 और कंपनियां प्रमाणन के लिए आवेदन करेंगी।
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टाटा मोटर्स को अपने चार मॉडलों के लिए मंजूरी मिल गई है जो पीएलआई योजना के तहत योग्य होंगे। महिंद्रा एंड महिंद्रा के आठ मॉडल पीएलआई भुगतान के लिए स्वीकृत किए हैं। दोनों ने 10-10 मॉडल के लिए आवेदन किया था। मॉडल्स के नाम का अभी आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है। टाटा मोटर्स ने इस योजना में शामिल होने के लिए अपने इलेक्ट्रिक वाहनों में टियागो ईवी को शामिल किया था।
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Bike Manufacturing Plant
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पीएलआई योजना के लिए प्रमाणन के लिए आवेदन करने वाली अन्य ऑटो कंपनियों में Toyota Motor (टोयोटा मोटर), Ola Electric (ओला इलेक्ट्रिक) और TVS Motor (टीवीएस मोटर) शामिल हैं। कुल मिलाकर, अब तक आवेदन किए गए 23 मॉडलों में से सिर्फ 12 को मंजूरी दी गई है।
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Bike Manufacturing Plant
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ऑटो सेक्टर के लिए प्रॉडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव भारत में बने एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (एएटी) उत्पादों की निर्धारित बिक्री के लिए योजना के तहत लागू है। अप्रैल, 2022 से शुरू हुई यह योजना पहले 2027 में खत्म होनी थी। इस योजना का मकसद इलेक्ट्रिक वाहनों पर मुख्य ध्यान देने के साथ स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देना है।