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Car Buyers: भारतीय कार खरीदारों की हाई माइलेज की तुलना में सुरक्षा में ज्यादा दिलचस्पी, रिपोर्ट में खुलासा
Thu, 29 Jun 2023 06:45 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 29 Jun 2023 06:45 PM IST
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Volkswagen Virtus Crash Test Latin NCAP
- फोटो : NCAP
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जब खुद के लिए निजी कार खरीदने की बात आती है तो ग्राहक किन बातों को सबसे ज्यादा तवज्जो देते हैं। खरीदारों को कौन से फीचर्स सबसे ज्यादा लुभाते हैं, यह जानने के लिए एक अध्ययन किया गया। यह सर्वे स्कोडा ऑटो इंडिया ने कराया था, जिसे NIQ BASES ने किया था। इस सर्वे से पता चलता है कि ग्राहक के बीच कार के सेफ्टी फीचर्स को लेकर भारी झुकाव है। इसके मुताबिक 10 में से 9 ग्राहक सोचते हैं कि भारत में सभी कारों की सुरक्षा रेटिंग होनी चाहिए। सर्वेक्षण के नतीजों से पता चला है कि कार खरीदने के फैसले को दो फीचर्स सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं जिसमें कार की क्रैश-रेटिंग और एयरबैग की संख्या थी। सर्वे में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आमतौर पर कार खरीदने के लिए सबसे लोकप्रिय मानी जाने वाला पहलू माइलेज नंबर पर रहा।
Maruti Swift Global NCAP crash tests
- फोटो : NCAP
सर्वे में शामिल लगभग 67 प्रतिशत लोग कार मालिक थे जिनके पास 5 लाख रुपये से ज्यादा कीमत की कार थी। लगभग 33 प्रतिशत के पास कार नहीं थी, लेकिन वे एक साल के भीतर 5 लाख रुपये से ऊपर कीमत की कार खरीदने का इरादा रखते थे। यह सर्वेक्षण SEC A और B ब्रैकेट में 18 से 54 वर्ष की उम्र के लोगों के बीच किया गया था, जिसमें 80 प्रतिशत उत्तरदाता पुरुष और 20 प्रतिशत महिलाएं थीं।
Maruti Suzuki Ignis Global NCAP crash tests
- फोटो : NCAP
कार की क्रैश रेटिंग 22.3 प्रतिशत के अहम स्कोर के साथ ग्राहक कार खरीद निर्णय में टॉप पर थी। इसके बाद 21.6 प्रतिशत के महत्व स्कोर के साथ एयरबैग की संख्या थी। कार खरीदते समय माइलेज 15.0 प्रतिशत के महत्व स्कोर के साथ तीसरे सबसे महत्वपूर्ण कारण के रूप में उभरा।
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Skoda Octavia Euro NCAP Crash Test
- फोटो : NCAP
जब कारों के लिए क्रैश रेटिंग की बात आती है, तो 5-स्टार रेटिंग के लिए अधिकतम 22.2 प्रतिशत ग्राहक प्राथमिकता देखी गई। इसके बाद 4-स्टार रेटिंग के लिए 21.3 प्रतिशत प्राथमिकता देखी गई। सिर्फ 6.8 प्रतिशत स्कोर के साथ जीरो क्रैश रेटिंग सबसे कम पसंद की गई।
क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग के लिए 2 सेट होते हैं, इसके बारे में जागरूकता लगभग 76 प्रतिशत है। जबकि भारत में सभी ग्राहकों में से सिर्फ 30 प्रतिशत ही बच्चों/पीछे बैठने वालों की सुरक्षा रेटिंग को उन दो सेटों में से एक के रूप में पहचानते हैं।
क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग के लिए 2 सेट होते हैं, इसके बारे में जागरूकता लगभग 76 प्रतिशत है। जबकि भारत में सभी ग्राहकों में से सिर्फ 30 प्रतिशत ही बच्चों/पीछे बैठने वालों की सुरक्षा रेटिंग को उन दो सेटों में से एक के रूप में पहचानते हैं।
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Volkswagen Taigun and Skoda Kushaq Global NCAP Crash Test
- फोटो : Global NCAP
स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड निदेशक, पेट्र सोलक ने कहा, "स्कोडा में हमारे लिए, सुरक्षा हमारे डीएनए का हिस्सा है और सुरक्षित कार बनाना हमारी फिलॉसफी है। क्रैश-टेस्ट और सुरक्षा के मामले में हमारे पास 50 साल से ज्यादा की विरासत है। और 2008 के बाद से, हर स्कोडा कार का विश्व स्तर पर और भारत में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग के साथ क्रैश-टेस्ट किया गया है। सर्वेक्षण से पता चलता है कि स्कोडा को उच्च सुरक्षा रेटिंग वाले मॉडल वाले टॉप-3 ब्रांडों में से एक माना जाता है। भारत के तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचे और भारत के अपने क्रैश-टेस्टिंग मानकों के लिए आगामी प्रस्तावों के साथ, ग्राहकों को सुरक्षा के बारे में जागरूक और मांग करते हुए देखना खुशी की बात है। यही आगे बढ़ने का सही रास्ता है और स्कोडा भारतीय बाजार में ब्रांड को विकसित करने के लिए इन मूल्यों पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगा।''