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Speed Limit: पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूल, बाजार क्षेत्रों के लिए वाहनों की नई गति सीमा की अधिसूचित,जानें डिटेल
Mon, 13 Jan 2025 12:26 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 13 Jan 2025 12:26 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए राज्य भर में वाहनों के लिए नई गति सीमा (स्पीड लिमिट) अधिसूचित की है।
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Car Driving
- फोटो : Freepik
पश्चिम बंगाल सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए राज्य भर में वाहनों के लिए नई गति सीमा (स्पीड लिमिट) अधिसूचित की है। यह स्कूल और बाजार क्षेत्रों के आधार पर 10 किमी से 50 किमी प्रति घंटे तक होगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।
Car Driving
- फोटो : Freepik
एक अधिकारी ने कहा कि "देश और राज्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं" का पालन करते हुए शहरी क्षेत्रों में अधिकतम गति सीमा 50 किलोमीटर प्रति घंटे तय की गई है।
बसों की गति सीमा 20 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। जिसे शहर के कुछ इलाकों में घटाकर 10 किलोमीटर प्रति घंटा किया जा सकता है।
एक अन्य अधिकारी ने कहा, "अगर दुर्घटना संभावित इलाकों में सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं, तो परिवहन विभाग और पुलिस बसों की गति सीमा की जांच करके निर्णय लेंगे।"
बसों की गति सीमा 20 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। जिसे शहर के कुछ इलाकों में घटाकर 10 किलोमीटर प्रति घंटा किया जा सकता है।
एक अन्य अधिकारी ने कहा, "अगर दुर्घटना संभावित इलाकों में सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं, तो परिवहन विभाग और पुलिस बसों की गति सीमा की जांच करके निर्णय लेंगे।"
Kolkata Traffic
- फोटो : PTI
उन्होंने कहा कि राज्य ने वैज्ञानिक गति प्रबंधन नीति अपनाई है, जिसे आईआईटी खड़गपुर से तकनीकी मार्गदर्शन हासिल करने के बाद तैयार किया गया है।
परिवहन विभाग के अधिकारी ने कहा कि नीति में विभिन्न परिदृश्यों के तहत सुरक्षित गति सीमाओं को परिभाषित करने और गति सीमाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और प्रवर्तन के लिए सभी जरूरी उपाय करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
उन्होंने कहा, "नए साल में राज्य ने सुरक्षित गति सीमा को अधिसूचित करके आगे कदम बढ़ाया है, जिसे सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को कम करने के लिए पूरे राज्य में समान रूप से लागू किया जाएगा।"
परिवहन विभाग के अधिकारी ने कहा कि नीति में विभिन्न परिदृश्यों के तहत सुरक्षित गति सीमाओं को परिभाषित करने और गति सीमाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और प्रवर्तन के लिए सभी जरूरी उपाय करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
उन्होंने कहा, "नए साल में राज्य ने सुरक्षित गति सीमा को अधिसूचित करके आगे कदम बढ़ाया है, जिसे सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को कम करने के लिए पूरे राज्य में समान रूप से लागू किया जाएगा।"
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IIT Kharagpur
- फोटो : https://www.iitkgp.ac.in/
आईआईटी खड़गपुर के वरिष्ठ संकाय सदस्य और यातायात और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ प्रो. भार्गव मैत्रा ने पीटीआई को बताया, "अधिसूचित सुरक्षित गति सीमा अत्यधिक वैज्ञानिक है और यह अधिसूचना राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक होगी।"
उन्होंने कहा कि आईआईटी खड़गपुर पश्चिम बंगाल सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। और लोगों के फायदे के लिए गति प्रबंधन नीति और अधिसूचित गति सीमाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और प्रवर्तन के लिए राज्य को सभी आवश्यक तकनीकी सहायता प्रदान करना जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि आईआईटी खड़गपुर पश्चिम बंगाल सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। और लोगों के फायदे के लिए गति प्रबंधन नीति और अधिसूचित गति सीमाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और प्रवर्तन के लिए राज्य को सभी आवश्यक तकनीकी सहायता प्रदान करना जारी रखेगा।
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Car Driving
- फोटो : Freepik
उन्होंने कहा, "आईआईटी खड़गपुर सड़क सुरक्षा बढ़ाने और लोगों को लाभान्वित करने के लिए अन्य राज्यों को भी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा। सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतें अस्वीकार्य हैं। और हम सड़क सुरक्षा परिदृश्य को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।"
राज्य परिवहन अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने आईआईटी खड़गपुर की मदद से पिछले सड़क हादसों के साल भर के आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया और उसकी सिफारिशों के अनुसार प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों में कई कदम उठाए और आवश्यक हस्तक्षेप किए।
राज्य परिवहन अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने आईआईटी खड़गपुर की मदद से पिछले सड़क हादसों के साल भर के आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया और उसकी सिफारिशों के अनुसार प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों में कई कदम उठाए और आवश्यक हस्तक्षेप किए।