हाल ही में लॉन्च की गई PM E-Drive (प्रधानमंत्री ई-ड्राइव) योजना में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कंपोनेंट्स के स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक फेज्ड मैन्युफेक्चरिंग प्रोग्राम (पीएमपी) (चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम) शामिल होगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने यह बताया।
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Simple Energy Electric Scooter Plant
- फोटो : Simple Energy
योजना के तहत, स्थानीय स्तर पर कंपोनेंट्स हासिल करने वाले ईवी निर्माताओं को घरेलू मूल्य संवर्धन आवश्यकता के बिना वित्तीय सहायता हासिल होगी। हालांकि, ईवी कंपोनेंट्स बनाने के लिए पार्ट्स की लोकल असेंबली सब्सिडी पात्रता के लिए अनिवार्य होगी। हालांकि आपूर्तिकर्ता अभी भी पार्ट्स का आयात कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
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Simple One Electric Scooter Manufacturing Plant
- फोटो : Simple One
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "स्थानीय ईवी विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक पीएमपी होगा। योजना के तहत सब्सिडी चाहने वाली कंपनियों को योजना की अधिसूचना तारीख से छह महीने के भीतर पीएमपी का पालन करना होगा।" इन कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कंपोनेंट्स को भारत के भीतर ही असेंबल किया जाए, अधिकारी ने कहा।
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Ola Electric Scooter
- फोटो : PTI
रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए 2025-26 से शुरु होने वाला वित्तीय प्रोत्साहन प्रति वाहन 5,000 रुपये तक कम हो जाएगा। जबकि इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए सब्सिडी प्रति वाहन 25,000 रुपये तक सीमित हो जाएगी।
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Okinawa Electric Scooter Manufacturing Plant
- फोटो : Okinawa Scooters
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि सब्सिडी कार्यक्रम के दुरुपयोग को रोकने के लिए कंपोनेंट्स सप्लायर (घटक आपूर्तिकर्ताओं) की मैन्युफेक्चरिंग प्लांट का निरीक्षण किया जाएगा। जिसमें ईवी निर्माताओं के बीच अनुपालना की निगरानी के लिए साल में दो बार निरीक्षण की योजना है।