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Maharashtra EV Policy: महाराष्ट्र की नई ईवी पॉलिसी का एलान, वाहनों की खरीद पर मिलेगी मोटी सब्सिडी, जानें डिटेल
Sat, 24 May 2025 10:43 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 24 May 2025 10:43 PM IST
सार
महाराष्ट्र सरकार ने अपनी नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नीति का एलान किया है। जिसका मकसद है कि 2030 तक राज्य में 30 प्रतिशत वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाया जाए।
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Electric Car
- फोटो : Freepik
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महाराष्ट्र सरकार ने अपनी नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नीति का एलान किया है। जिसका मकसद है कि 2030 तक राज्य में 30 प्रतिशत वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाया जाए। सरकार का मानना है कि इससे प्रदूषण में कमी आएगी और राज्य को ईको-फ्रेंडली भविष्य की ओर ले जाया जा सकेगा।
Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
घर और ऑफिस में चार्जिंग स्टेशन जरूरी
नई रिहायशी इमारतों में अब ईवी चार्जिंग की सुविधा देना अनिवार्य होगा। हर इमारत में कम से कम एक सामुदायिक चार्जिंग पॉइंट होना जरूरी है। वहीं नई व्यावसायिक इमारतों को अपनी 50 प्रतिशत पार्किंग इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग के लिए आरक्षित करनी होगी। और पुरानी कमर्शियल बिल्डिंग्स में 20 प्रतिशत पार्किंग एरिया में ऑपरेशनल चार्जर लगाने होंगे।
सरकारी आदेश में कहा गया है कि इस नीति को लागू करके राज्य स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन मॉडल के हिस्से के रूप में 2030 तक परिवहन क्षेत्र से 325 टन पीएम 2.5 उत्सर्जन और 1000 टन ग्रीनहाउस गैस (जी.एच.जी.) उत्सर्जन को रोकना चाहता है।
यह भी पढ़ें - NHAI: एनएचएआई राजमार्गों पर अनाधिकृत कब्जे को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा, जानें क्यों
नई रिहायशी इमारतों में अब ईवी चार्जिंग की सुविधा देना अनिवार्य होगा। हर इमारत में कम से कम एक सामुदायिक चार्जिंग पॉइंट होना जरूरी है। वहीं नई व्यावसायिक इमारतों को अपनी 50 प्रतिशत पार्किंग इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग के लिए आरक्षित करनी होगी। और पुरानी कमर्शियल बिल्डिंग्स में 20 प्रतिशत पार्किंग एरिया में ऑपरेशनल चार्जर लगाने होंगे।
सरकारी आदेश में कहा गया है कि इस नीति को लागू करके राज्य स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन मॉडल के हिस्से के रूप में 2030 तक परिवहन क्षेत्र से 325 टन पीएम 2.5 उत्सर्जन और 1000 टन ग्रीनहाउस गैस (जी.एच.जी.) उत्सर्जन को रोकना चाहता है।
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Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
टोल और टैक्स में बड़ी छूट
ईवी को मोटर व्हीकल टैक्स और रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल फीस से पूरी तरह छूट मिलेगी। साथ ही, मुंबई-पुणे और मुंबई-नाशिक एक्सप्रेसवे पर ईवी के लिए टोल फ्री यात्रा की सुविधा भी दी जाएगी। बाकी सड़कों पर टोल छूट देने को लेकर एक स्टियरिंग कमेटी अलग से फैसला लेगी।
सड़क किनारे हर 25 किमी पर चार्जिंग स्टेशन
हाईवे पर हर 25 किलोमीटर की दूरी पर एक ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा। इसके अलावा हर सरकारी दफ्तर की पार्किंग में भी कम से कम एक चार्जिंग पॉइंट अनिवार्य होगा। सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों को सेटअप खर्च का 15 प्रतिशत तक सहयोग भी दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें - Xiaomi SU7: शाओमी की पहली इलेक्ट्रिक कार SU7 पर उठे सवाल, सुरक्षा, परफॉर्मेंस और पारदर्शिता पर घिरी कंपनी
ईवी को मोटर व्हीकल टैक्स और रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल फीस से पूरी तरह छूट मिलेगी। साथ ही, मुंबई-पुणे और मुंबई-नाशिक एक्सप्रेसवे पर ईवी के लिए टोल फ्री यात्रा की सुविधा भी दी जाएगी। बाकी सड़कों पर टोल छूट देने को लेकर एक स्टियरिंग कमेटी अलग से फैसला लेगी।
सड़क किनारे हर 25 किमी पर चार्जिंग स्टेशन
हाईवे पर हर 25 किलोमीटर की दूरी पर एक ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा। इसके अलावा हर सरकारी दफ्तर की पार्किंग में भी कम से कम एक चार्जिंग पॉइंट अनिवार्य होगा। सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों को सेटअप खर्च का 15 प्रतिशत तक सहयोग भी दिया जाएगा।
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2025 Kia EV6
- फोटो : Kia India
वाहनों की खरीद पर मिलेगी मोटी सब्सिडी
सरकार ने ईवी को लेकर आकर्षक प्रोत्साहन भी घोषित किए हैं। ई-कारों (ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल के लिए) पर 2 लाख रुपये तक की छूट, और ई-बसों पर 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। पॉलिसी के तहत 1 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन, 25,000 चार पहिया परिवहन वाहन और 1,500 ई-बसों को इन छूटों का फायदा मिलेगा।
इसमें पॉलिसी अवधि के दौरान पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मोटर वाहन कर और पंजीकरण नवीनीकरण शुल्क से पूरी छूट का प्रावधान भी है।
सरकारी आदेश में कहा गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को मुंबई-पुणे और मुंबई-नासिक एक्सप्रेसवे पर टोल से 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक संचालन समिति लोक निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र में शेष सड़कों पर चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों को कर छूट देने के बारे में भी निर्णय लेगी।
यह भी पढ़ें - US Tariffs: वोल्वो के सीईओ की चेतावनी- टैरिफ बढ़ने से गाड़ियों की बढ़ेगी कीमत, खरीदारों पर पड़ेगा असर
सरकार ने ईवी को लेकर आकर्षक प्रोत्साहन भी घोषित किए हैं। ई-कारों (ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल के लिए) पर 2 लाख रुपये तक की छूट, और ई-बसों पर 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। पॉलिसी के तहत 1 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन, 25,000 चार पहिया परिवहन वाहन और 1,500 ई-बसों को इन छूटों का फायदा मिलेगा।
इसमें पॉलिसी अवधि के दौरान पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मोटर वाहन कर और पंजीकरण नवीनीकरण शुल्क से पूरी छूट का प्रावधान भी है।
सरकारी आदेश में कहा गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को मुंबई-पुणे और मुंबई-नासिक एक्सप्रेसवे पर टोल से 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक संचालन समिति लोक निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र में शेष सड़कों पर चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों को कर छूट देने के बारे में भी निर्णय लेगी।
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सरकारी विभाग भी अपनाएंगे ईवी
अब से हर नया सरकारी वाहन (शहर में इस्तेमाल के लिए) इलेक्ट्रिक ही होगा। मुंबई, पुणे, नागपुर, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर और अमरावती जैसे बड़े शहरों में 50 प्रतिशत सिटी यूटिलिटी व्हीकल्स इलेक्ट्रिक होने चाहिए, ऐसा निर्देश भी नीति में शामिल है।
नई तकनीकों पर रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार बैटरी टेक्नोलॉजी, मोटर टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन और व्हीकल-टू-ग्रिड सिस्टम जैसी नई तकनीकों पर रिसर्च को बढ़ावा देगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ईवी अनुसंधान अनुदान के तहत 15 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है।
यह भी पढ़ें - Advance Tip: उबर के बाद अब ओला और रैपिडो की भी जांच शुरू, 'एडवांस टिप' को लेकर CCPA सख्त
अब से हर नया सरकारी वाहन (शहर में इस्तेमाल के लिए) इलेक्ट्रिक ही होगा। मुंबई, पुणे, नागपुर, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर और अमरावती जैसे बड़े शहरों में 50 प्रतिशत सिटी यूटिलिटी व्हीकल्स इलेक्ट्रिक होने चाहिए, ऐसा निर्देश भी नीति में शामिल है।
नई तकनीकों पर रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार बैटरी टेक्नोलॉजी, मोटर टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन और व्हीकल-टू-ग्रिड सिस्टम जैसी नई तकनीकों पर रिसर्च को बढ़ावा देगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ईवी अनुसंधान अनुदान के तहत 15 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है।
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