भारत तेल आयात पर अपनी निर्भरता को कम करने के साथ-साथ पर्यावरणीय समस्याओं को दूर करना चाहता है, इसके लिए वह अगले साल अप्रैल से चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग (सम्मिश्रण) के साथ पेट्रोल की आपूर्ति शुरू करेगा। इसके बाद सरकार धीरे-धीरे आपूर्ति बढ़ाएगी। भारत ने इस साल जून में निर्धारित समय सीमा से पांच महीने पहले 10 प्रतिशत इथेनॉल के साथ मिश्रित पेट्रोल की आपूर्ति करने का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया था।
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इथेनॉल
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तय समय से पहले 10 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग के अपने लक्ष्य को हासिल करने के बाद, देश ने अब 2025 तक पेट्रोल को 20 प्रतिशत इथेनॉल के साथ मिलाने का लक्ष्य तय किया है। देश के तेल मंत्री हरदीप पुरी ने कहा है कि 2025 तक पेट्रोल का पांचवां हिस्सा इथेनॉल से बनाया जाएगा। उन्होंने पीटीआई को बताया, "E20 पेट्रोल - 20 प्रतिशत इथेनॉल के साथ मिश्रित पेट्रोल - कुछ मात्रा में अप्रैल 2023 से उपलब्ध होगा और शेष 2025 तक कवर किया जाएगा।"
पेट्रोल में 10 प्रतिशत इथेनॉल सम्मिश्रण के जरिए, देश 41,500 करोड़ रुपये से ज्यादा के विदेशी मुद्रा प्रभाव को बचा सकता है, 27 लाख टन के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम कर सकता है और साथ ही किसानों को 40,600 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान शीघ्रता से किया जा सकता है। 20 प्रतिशत एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल की आपूर्ति से अनुमानित रूप से सालाना 4 अरब डॉलर की बचत होगी।
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Ethanol
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हाल ही में विश्व जैव ईंधन दिवस (वर्ल्ड बायोफ्यूल डे) के मौके पर, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के पानीपत में दूसरी पीढ़ी (2 जी) इथेनॉल प्लांट का लोकार्पण किया था। प्लांट की स्थापना देश में जैव ईंधन के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा वर्षों से उठाए गए कदमों की श्रृंखला का हिस्सा है। इसे इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) द्वारा 900 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से बनाया गया है और इसमें सालाना लगभग दो लाख टन चावल के भूसे को लगभग 3 करोड़ लीटर इथेनॉल में बदलने की क्षमता है।
इसके अलावा, यह परियोजना हर साल लगभग तीन लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड समकक्ष उत्सर्जन के बराबर ग्रीनहाउस गैसों में कमी लाने में योगदान देगी। इसकी बराबरी देश की सड़कों पर सालाना लगभग 63,000 कारों को हटाने से की जा सकती है।