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Electric Vehicles: क्या दुनियाभर में ईवी का बुलबुला फूट गया है? मांग में गिरावट से पैदा हुई घबराहट की स्थिति

Thu, 07 Mar 2024 06:10 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Thu, 07 Mar 2024 06:10 PM IST
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future of electric vehicles in world electric car sales forecast electric vehicles sales down
Electric Car - फोटो : For Reference Only
इलेक्ट्रिक वाहन वैश्विक सड़कों पर अपना दबदबा बनाने का वादा करते हैं और बैटरी से चलने वाले पर्सनल मोबिलिटी ऑप्शंस की लोकप्रियता में बढ़ोतरी किसी भी चीज से कम नहीं रही है। सिर्फ एक दशक से भी कम समय में, टेस्ला और BYD जैसी कंपनियों ने कई दशकों पुराने पारंपरिक कार निर्माताओं के लिए एक बड़ी चुनौती पेश की है। लेकिन जहां हाल का समय शानदार रहा है, वहीं नजदीकी भविष्य का कोई भरोसा नहीं नजर आ रहा है। खासतौर पर इलेक्ट्रिक कारों की मांग कम हो रही है। और दुनिया भर के प्रमुख ऑटोमोबाइल बाजारों में से कई में बिक्री की बढ़ोतरी दर कम होने की उम्मीद है।
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Electric Car - फोटो : Unsplash
अलग-अलग श्रेणी में ज्यादातर ईवी निर्माताओं के लिए पिछले चार वर्ष बेहद फायदेमंद रहे हैं। बढ़ते बाजार में नए-नए मॉडलों को उतारा गया और रिकॉर्ड बिक्री के साथ भरपूर कमाई की गई है। 2021 में ईवी की बिक्री 6.75 मिलियन थी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 108 प्रतिशत ज्यादा थी। यह 2022 में 3.66 मिलियन यूनिट्स की और बढ़ोतरी हुई और 2023 में 14.2 मिलियन पर रही। इन आंकड़ों में फुल इलेक्ट्रिक मॉडल और साथ ही प्लग-इन हाइब्रिड दोनों शामिल हैं। लेकिन अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर 2023 तक ही खतरे के संकेत दिखाई देने लगे।
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EV Charging Stations - फोटो : For Reference Only
ईवी पुश पर हल्की ब्रेक
दुनिया भर के कई सबसे बड़े ऑटोमोटिव और ईवी बाजारों में, ईवी की मांग में थोड़ी लेकिन महत्वपूर्ण गिरावट देखी जा रही है।

चीन दुनिया का सबसे बड़ा ऑटोमोटिव और ईवी बाजार है। चाइना एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (CAAM) के आंकड़ों के अनुसार, चीन में जनवरी में न्यू-एनर्जी व्हीकल्स (NEV) की बिक्री 729,000 यूनिट्स पर थी। जो एक महीने पहले की तुलना में 39 प्रतिशत की सीधी गिरावट थी। ईवी का उत्पादन 33 फीसदी घटकर 787,000 हो गया। चाइना पैसेंजर कार एसोसिएशन (CPCA) के मुताबिक, इसके दो मुख्य कारण है - कुछ लोकप्रिय मॉडलों की बढ़ती कीमतें और साथ ही NEV की खरीद पर स्थानीय सरकारों के घटते प्रस्ताव। एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स से पता चलता है कि जनवरी में देश में सभी नई कारों की बिक्री में ईवी का 29.9 फीसदी हिस्सा था, जो मई 2023 से पहली बार 30 फीसदी से नीचे गिर गया।
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Electric Car - फोटो : For Reference Only
फिर अमेरिका है, जो दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोटिव बाजारों की सूची में दूसरा स्थान रखता है। यहां ईवी का बाजार बढ़ रहा है, लेकिन चिंता की बात यह है कि यह उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहा है, जितनी पहले भविष्यवाणी की गई थी। यहां सभी नई कारों की बिक्री में ईवी का 7.6 प्रतिशत हिस्सा था, जो 5.9 प्रतिशत से बढ़कर हुआ। लेकिन मीडिया रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल के अंतिम महीनों में ऐसी कार मॉडल की बिक्री में सिर्फ 1.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

उद्योग के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि जमीनी हकीकत यह है कि अमेरिकी पहले से कहीं ज्यादा ईवी खरीद रहे हैं। लेकिन कई औरों के ईवी में निवेश करने की भविष्यवाणी की गई थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। या कम से कम अभी तक तो नहीं किया है। सॉलिड डीलर और कंपनी छूट की कमी को पूरी तरह से दोष दिया जा रहा है। जीएम की सीईओ मैरी बारा ने हाल ही में कहा "यह सच है, ईवी की बढ़ोतरी की रफ्तार धीमी हो गई है, जिसने कुछ अनिश्चितता पैदा कर दी है। हम मांग के मुताबिक निर्माण करेंगे।" पहले जीएम ने ईवी के उत्पादन में कटौती की और बाद में फोर्ड ने भी ऐसा ही किया है।
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Electric Car - फोटो : Pexels
यहां तक कि यूरोप के कई बाजारों में भी ईवी की मांग कम होती दिख रही है। जर्मनी ने ऐसे वाहनों के लिए प्रोत्साहन कार्यक्रम बंद कर दिया। इससे मांग पर तत्काल नकारात्मक प्रभाव पड़ा। ब्रिटेन में, सोसाइटी ऑफ मोटर मैन्युफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स ने बताया कि हाल के वर्षों की तुलना में ईवी की बिक्री उतनी तेज नहीं है। यहां के विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार का 2024 में बिकने वाली सभी नई कारों में से 22 प्रतिशत का शून्य-उत्सर्जन वाहन (ZEV) जनादेश पूरी तरह से उत्सर्जन मुक्त होना चाहिए, इसके चूक जाने की संभावना है।
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