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Tesla: ड्यूटी कम होने के बाद भी भारत में सबसे सस्ती टेस्ला कार की कीमत 35-40 लाख रुपये होगी, जानें डिटेल्स
Sat, 22 Feb 2025 12:34 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 22 Feb 2025 12:34 PM IST
सार
Tesla (टेस्ला) जल्द ही भारत में एंट्री करने वाली है। लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही सरकार आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) 20 प्रतिशत से कम कर दे, फिर भी टेस्ला की सबसे सस्ती कार की कीमत करीब 35-40 लाख रुपये होगी।
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Tesla Model Y
- फोटो : Tesla
Tesla (टेस्ला) जल्द ही भारत में एंट्री करने वाली है। लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही सरकार आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) 20 प्रतिशत से कम कर दे, फिर भी टेस्ला की सबसे सस्ती कार की कीमत करीब 35-40 लाख रुपये होगी। यह रिपोर्ट ग्लोबल कैपिटल मार्केट कंपनी CLSA (सीएलएसए) ने जारी की है।
Tesla Model S
- फोटो : Tesla
भारतीय बाजार में ज्यादा असर नहीं पड़ेगा?
रिपोर्ट के अनुसार, अगर टेस्ला अपने मॉडल 3 को भारत में महिंद्रा XEV 9e, ह्यूंदै e-Creta और मारुति सुजुकी e-Vitara जैसी मौजूदा इलेक्ट्रिक कारों की तुलना में 20-50 प्रतिशत महंगे दाम पर लॉन्च करती है, तो भारतीय ईवी बाजार पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
हालांकि, अगर टेस्ला 25 लाख रुपये से कम की कोई एंट्री-लेवल कार लॉन्च करती है और अच्छी मार्केट पकड़ लेती है, तो इससे भारतीय कंपनियों पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट का मानना है कि महिंद्रा एंड महिंद्रा के स्टॉक में हालिया गिरावट पहले से ही इस परिदृश्य को ध्यान में रख रही है।
भारतीय कार निर्माताओं पर टेस्ला का प्रभाव
रिपोर्ट बताती है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ अभी भी चीन, यूरोप और अमेरिका की तुलना में कम है। इसलिए टेस्ला की एंट्री से भारतीय कार निर्माताओं को तुरंत कोई बड़ा नुकसान होने की संभावना नहीं है।
रिपोर्ट के अनुसार, अगर टेस्ला अपने मॉडल 3 को भारत में महिंद्रा XEV 9e, ह्यूंदै e-Creta और मारुति सुजुकी e-Vitara जैसी मौजूदा इलेक्ट्रिक कारों की तुलना में 20-50 प्रतिशत महंगे दाम पर लॉन्च करती है, तो भारतीय ईवी बाजार पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
हालांकि, अगर टेस्ला 25 लाख रुपये से कम की कोई एंट्री-लेवल कार लॉन्च करती है और अच्छी मार्केट पकड़ लेती है, तो इससे भारतीय कंपनियों पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट का मानना है कि महिंद्रा एंड महिंद्रा के स्टॉक में हालिया गिरावट पहले से ही इस परिदृश्य को ध्यान में रख रही है।
भारतीय कार निर्माताओं पर टेस्ला का प्रभाव
रिपोर्ट बताती है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ अभी भी चीन, यूरोप और अमेरिका की तुलना में कम है। इसलिए टेस्ला की एंट्री से भारतीय कार निर्माताओं को तुरंत कोई बड़ा नुकसान होने की संभावना नहीं है।
Tesla Model Y
- फोटो : Tesla
दिल्ली और मुंबई में लॉन्चिंग, भारत में भर्तियां शुरू
आने वाले महीनों में टेस्ला दिल्ली और मुंबई में अपने मॉडल लॉन्च कर सकती है। टेस्ला ने भारत में लोगों को नौकरी देनी भी शुरू कर दी है। 18 फरवरी को कंपनी ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 'कंज्यूमर एंगेजमेंट मैनेजर' पद के लिए लिंक्डइन पर जॉब पोस्टिंग की थी।
स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग से ही कीमत होगी किफायती
रिपोर्ट के अनुसार, अगर टेस्ला भारत में अपनी कारों को ज्यादा सुलभ बनाना चाहती है और अपनी बिक्री बढ़ाना चाहती है, तो उसे यहां मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाना होगा। भले ही आयात शुल्क 20 प्रतिशत से कम कर दिया जाए।
भारत की ईवी नीति के तहत, टेस्ला को 8,000 कारों तक 15 प्रतिशत की कम इम्पोर्ट ड्यूटी का फायदा मिल सकता है। लेकिन इसके लिए कंपनी को 4,150 करोड़ अरब रुपये से ज्यादा का निवेश करना होगा।
आने वाले महीनों में टेस्ला दिल्ली और मुंबई में अपने मॉडल लॉन्च कर सकती है। टेस्ला ने भारत में लोगों को नौकरी देनी भी शुरू कर दी है। 18 फरवरी को कंपनी ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 'कंज्यूमर एंगेजमेंट मैनेजर' पद के लिए लिंक्डइन पर जॉब पोस्टिंग की थी।
स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग से ही कीमत होगी किफायती
रिपोर्ट के अनुसार, अगर टेस्ला भारत में अपनी कारों को ज्यादा सुलभ बनाना चाहती है और अपनी बिक्री बढ़ाना चाहती है, तो उसे यहां मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाना होगा। भले ही आयात शुल्क 20 प्रतिशत से कम कर दिया जाए।
भारत की ईवी नीति के तहत, टेस्ला को 8,000 कारों तक 15 प्रतिशत की कम इम्पोर्ट ड्यूटी का फायदा मिल सकता है। लेकिन इसके लिए कंपनी को 4,150 करोड़ अरब रुपये से ज्यादा का निवेश करना होगा।
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Harley Davidson X440
- फोटो : Harley Davidson
भारतीय बाजार में कीमतें मायने रखती हैं
रिपोर्ट में भारतीय मोटरसाइकिल बाजार का उदाहरण दिया गया है, जहां हार्ले-डेविडसन X440, रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 से 20 प्रतिशत महंगी होने के कारण महीने में सिर्फ 1,500 यूनिट ही बिक पाती है, जबकि क्लासिक 350 की बिक्री 28,000 यूनिट प्रति माह होती है।
इससे साफ है कि भारतीय उपभोक्ता कीमत को लेकर काफी संवेदनशील होते हैं। अगर टेस्ला ने भारत में किफायती दाम नहीं रखे, तो उसे ग्राहकों को लुभाने में मुश्किल हो सकती है।
रिपोर्ट में भारतीय मोटरसाइकिल बाजार का उदाहरण दिया गया है, जहां हार्ले-डेविडसन X440, रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 से 20 प्रतिशत महंगी होने के कारण महीने में सिर्फ 1,500 यूनिट ही बिक पाती है, जबकि क्लासिक 350 की बिक्री 28,000 यूनिट प्रति माह होती है।
इससे साफ है कि भारतीय उपभोक्ता कीमत को लेकर काफी संवेदनशील होते हैं। अगर टेस्ला ने भारत में किफायती दाम नहीं रखे, तो उसे ग्राहकों को लुभाने में मुश्किल हो सकती है।
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Tesla Model 3
- फोटो : Tesla
टेस्ला के लिए भारत में चुनौती
टेस्ला के भारत में सफल होने की संभावना इस पर निर्भर करेगी कि वह स्थानीय उत्पादन में कितना निवेश करती है। अगर कंपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट नहीं लगाती, तो कम इम्पोर्ट ड्यूटी के बावजूद टेस्ला की कारें भारतीय ग्राहकों के लिए महंगी बनी रहेंगी।
टेस्ला के भारत में सफल होने की संभावना इस पर निर्भर करेगी कि वह स्थानीय उत्पादन में कितना निवेश करती है। अगर कंपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट नहीं लगाती, तो कम इम्पोर्ट ड्यूटी के बावजूद टेस्ला की कारें भारतीय ग्राहकों के लिए महंगी बनी रहेंगी।