स्मार्ट की फॉब की बैटरी खत्म होने पर भी ज्यादातर नई कारें स्टार्ट की जा सकती हैं। कंपनियां प्रॉक्सिमिटी बैकअप, इंडक्शन स्टार्ट, छिपी फिजिकल चाबी और मोबाइल एप जैसे विकल्प देती हैं। इसलिए ऐसी स्थित में घबराने के बजाय ओनर्स मैनुअल देखें, क्योंकि हर मॉडल में इमरजेंसी तरीका मौजूद होता है।
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की -फाेब (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : freepik
की फोब क्या होता है?
की फोब को सबसे आसानी से समझें तो ये कार की स्मार्ट रिमोट चाबी को कहते हैं। यानि वही छोटी सी डिवाइस जिससे कार के दरवाजे लॉक या अनलॉक होते हैं। पुश-स्टार्ट बटन से कार स्टार्ट कर सकते हैं और कुछ कारों में तो डिक्की (बूट) भी इससे खुल जाते हैं। पुरानी कारों में चाबी लगाकर घुमाना पड़ता था, लेकिन अब की फोर्ब सिर्फ जेब में हो तो भी कार अपन आप पहचान लेती है।
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स्मार्ट चाबी फेल होने पर भी काम आएंगे ये जुगाड़
संभव है कि कभी-कभी ये खराब हो जाए, तो ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि तकनीक कितनी भी एडवांस हो, मैनुअल बैकअप हमेशा साथ रहता है। अगर आपकी स्मार्ट की (Key Fob) जवाब दे जाए, तो ये तरीके अपनाएं:
1. छिपी हुई फिजिकल चाबी का जादू
ज्यादातर लोग नहीं जानते कि उनके महंगे की-फॉब के अंदर एक धातु की असली चाबी होती है। फॉब पर एक छोटा स्लाइडर या बटन होता है, जिसे दबाते ही फिजिकल की बाहर आ जाती है। इससे आप कार का दरवाजा खोल सकते हैं। कई कारों में डोर हैंडल के पास एक छोटा प्लास्टिक कवर होता है जिसे हटाकर चाबी लगाने की जगह मिल जाती है।
2. टच एंड स्टार्ट तकनीक
अगर बैटरी खत्म हो गई है, तो आपकी चाबी में मौजूद इंडक्शन कॉइल काम आ सकती है। बस अपनी चाबी को सीधे इंजन स्टार्ट बटन के पास ले जाएं और उससे बटन दबाएं। बटन की ऊर्जा से चाबी एक्टिवेट हो जाती है और कार पहचान लेती है कि मालिक पास ही है। कुछ कारों (जैसे फोर्ड) में सेंटर कंसोल के अंदर एक खास जगह होती है जहां चाबी रखने पर वह बिना बैटरी के भी सेंस हो जाती है।
3. डिजिटल चाबी और एप का सहारा
आजकल कई लग्जरी कार की कंपनियां कैंपेनियन एप्स देती हैं, अगर फिजिकल चाबी नहीं मिल रही है तो आप अपने स्मार्टफोन को ही डिजिटल की (Digital Key) बनाकर कार अनलॉक कर सकते हैं।
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मैनुअल ही असली गाइड है
हर कार का सिस्टम थोड़ा अलग होता है। आपकी कार के ओनर मैनुअल में इमेरजेंसी स्टार्ट नाम का एक सेक्शन होता है, जिसे एक बार जरूर पढ़ें। वैसे कार आमतौर पर बैटरी लो होने का संकेत डैशबोर्ड पर पहले ही दे देती है। इसे नजरअंदाज न करें और समय रहते कॉइन सेल बैटरी बदल लें।