छत्तीसगढ़ अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीति को मंजूरी देने वाला भारत का नया राज्य बन गया है। राज्य सरकार ने गुरुवार को अपनी ईवी नीति का एलान किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान Chhattisgarh EV Policy 2022 (छत्तीसगढ़ ईवी नीति 2022) को मंजूरी दी गई। नीति का मकसद न सिर्फ सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में इजाफा करना है, बल्कि आने वाले दिनों में राज्य को ईवी मैन्युफेक्चरिंग हब (विनिर्माण केंद्र) के रूप में विकसित करना है।
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Electric Car
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राज्य सरकार ने नई स्वीकृत ईवी नीति पर एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया है, "छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों और उनके सामान के लिए एक विनिर्माण केंद्र बन जाएगा। नीति युवाओं के लिए असीमित रोजगार के अवसर पैदा करेगी। इस निर्णय से इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीदारों और निर्माताओं और अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में लगे लोगों को भी फायदा होगा।"
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Electric Car
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बयान में कहा गया है, "नीति के तहत, सरकार ने पांच साल का लक्ष्य रखा है और 2027 तक ईवी के रूप में व्यक्तिगत उपयोग या व्यावसायिक इस्तेमाल के तहत वाहनों के 15 प्रतिशत नए रजिस्ट्रेश करने का लक्ष्य है।"
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MG ZS EV 2022 Electric Car
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छत्तीसगढ़ ईवी नीति कमर्शियल (वाणिज्यिक) और नॉन-कमर्शियल (गैर-वाणिज्यिक) दोनों वाहनों के लिए लागू होगी। ईवी नीति ने सभी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पंजीकरण शुल्क और रोड टैक्स की छूट को मंजूरी दे दी है। इस नीति में आधिकारिक रूप से लागू होने की तारीख से पहले दो वर्षों के दौरान खरीदे गए सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स कर फुल छूट का प्रस्ताव किया गया है। हालांकि, पॉलिसी शुरू होने के दो साल बाद ईवी खरीदने पर खरीदारों को रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी। अगर इलेक्ट्रिक वाहन ईवी नीति शुरू होने के पांच साल बाद खरीदा जाता है, तो 25 प्रतिशत छूट मिलेगी।
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EV Charging Stations
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राज्य सरकार प्रदेश में ईवी मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए निवेश का एक चौथाई हिस्सा भी साझा करेगी। यह अनुदान प्लांट और मशीनरी की लागत साझा करने के लिए होगा। राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि वह ईवी पार्क विकसित करने के लिए 1,000 एकड़ तक भूमि आवंटित करेगी।