लंबे लॉकडाउन के बाद अनलॉक-2 शुरू हो गया है। धीरे-धीरे ऑफिस भी खुलना शुरू गए हैं। महीनों से खाली पड़ी सड़कों पर गाड़ियों की भीड़ जुटने लगी है। लंबे समय के बाद जब गाड़ियां बाहर निकल रही हैं तो उनमें थोड़ी बहुत दिक्कतें भी पेश आ रही हैं। लेकिन इन दिक्कतों से घबराने की जरूरत नहीं है। जानते हैं उन 10 दिक्कतों और उनके समाधान के बारे में...
कारों में ये 10 दिक्कतें हैं बेहद आम, बिना घबराए आसान तरीकों से करें इनका समाधान!
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बैटरी डेड या डिस्चार्ज
लॉकडाउन में लंबे समय से गाड़ी खड़ी रहने से ये समस्या बेहद आम है। इसके लिए जरूरी है कि गाड़ी को एक-दो दिन के अंतराल पर स्टार्ट करते रहें। हालांकि लंबे समय तक खड़े रहने के अलावा बैटरी खराब होने की और भी कई वजहें होती हैं। जैसे चार्जिंग में फॉल्ट, पैरासाइटिक ड्रेन, खराब अल्टरनेटर आदि।
समाधान
एक जंपर केबल अपने पास रखें या चाहें तो मजबूत मोटे तांबे के तार की केबल आप भी बना सकते हैं। चाहें तो बाजार से 200-300 रुपये में भी खरीद सकते हैं। अपने पास पड़ोस में थोड़ी देर के लिए किसी की गाड़ी मांग लें। दोनों गाड़ियों के पॉजिटिव और निगेटिव टर्मिनल में तार लगाएं और थोड़ी देर के लिए रेस दें। कुछ ही मिनटों में आपकी कार स्टार्ट करने लायक चार्ज हो जाएगी।
साथ ही अगर जंपर केबल नहीं है। दूसरी कार की बैटरी उतार कर अपने कार की बैटरी के ऊपर रखें, और कार को स्टार्ट करें। अगर मैकेनिक से करावाएंगे तो बेहतर होगा। ध्यान रहे कि पेट्रोल गाड़ियों की बैटरी हल्की और और डीजल गाड़ियों की बैटरी हैवी लोड वाली होती है।
कार का एक तरफ भागना
अचानक आप ऑफिस से लौट रहे हैं और आपको लग रहा है कि कार सीधे न चल कर लेफ्ट या राइट जा रही है। आपको कार को सीधे चलाने में थोड़ी ताकत लगानी पड़ रही है, तो समझिए कि आपकी कार का अलाइनमेंट बिगड़ गया है।
समाधान
इसके लिए सीधे टायर एक्सपर्ट से संपर्क करें और टायर्स का अलाइनमेंट कराएं। कंप्यूटर सिस्टम की मदद से कुछ ही मिनटों में इस समस्या का समाधान हो जाएगा। आमतौर पर 6 से 8 हजार किमी पर व्हील एलाइनमेंट और बैलेंसिंग करानी चाहिए, नहीं तो सस्पेंशन में दिक्कत आ सकती है।
टायर का जल्दी घिसना
कार के टायर बीच-बीच में चेक करते रहना जरूरी है। अगर आपको लगे कि बाकी टायर्स के मुकाबले आपका कोई एक टायर जल्दी घिस रहा है, तो समझिए आपकी गाड़ी को व्हील बैलेसिंग की जरूरत है। ये समस्या ज्यादातर आगे वाले टायर्स में आती है क्योंकि इन पर इंजन का वजन होता है।
समाधान
इसके लिए तुरंत टायर एक्सपर्ट से संपर्क करें। इसमें चारों टायर्स को निकाल कर कंप्यूटराइज्ड व्हील बैलेंसर पर लगाया जाता है। चारों पहियों को कंप्यूटर के जरिए अलग-अलग चेक किया जाता है और कंप्यूटर अपनी गणना के हिसाब से वजन रखने का सुझाव देता है। वजन असंतुलन को ठीक उसी जगह पर रिम पर काउंटरवेट रखकर ठीक किया जाता है जहां कंप्यूटर निर्देश देता है। इसके बाद व्हील्स को फिर से चेक किया जाता है, अगर एक टायर पर वजन 100 ग्राम से ज्यादा होता है तो आपको टायर या रिम बदलने के लिए कहा जा सकता है।
इंजन ओवर हीटिंग
अगर आपने इस समस्या को नजरंदाज किया तो यह बड़ी दिक्कत पेश कर सकता है। कार के टेंपरेचर गॉज पर नजर रखें। अगर इंजन ओवरहीट कर रहा है, तो कार के कूलिंग सिस्टम में दिक्कत हो सकती है। ज्यादातर यह कम कूलेंट की वजह से होते हैं।
समाधान
कार सर्विस कराते समय कूलेंट को टॉपअप कराएं। अगर आपकी कार लगातार ओवरहीट कर रही है, तो लेवल चेक करें और अगर लेवल सही है तुरंत किसी वर्कशॉप से संपर्क करें।