देश में भले ही मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कार के बजाए ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कार की मांग बढ़ रही है, लेकिन कार को सीखते समय ज्यादा तक लोग मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कार का ही इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा अभी देश में ज्यादा तर लोगों के पास केवल मैनुअल ट्रांसमिशन वाली ही कारें हैं। इस कार में क्लच का खराब होना या जलना एक बड़ी समस्या है। आज हम आपको उन चार गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे लोग अक्सर गाड़ी चलाते समय कर देते हैं। इससे कार का क्लच तो जलता ही है, साथ में आपकी कार का माइलेज भी घटने लगता है। तो चलिए डालते हैं इन चार गलतियों पर एक नजर जिनसे आपको बचना होगा।
इन चार गलतियों से बर्बाद हो जाता है गाड़ी का क्लच, घट जाती है माइलेज, बढ़ जाता है मेंटेनेंस का खर्च
ऊंचाई पर क्लच और एक्सेलरेटर का ज्यादा इस्तेमाल
अक्सर लोग चढ़ाई के दौरान कार का ब्रेक लगाने के बजाय क्लच और एक्सेलरेटर का इस्तेमाल करते हैं। इससे कार का क्लच तेजी से गरम होने लगता है। कई बार तो क्लच खराब भी हो जाता है। ऊंचाई पर क्लच और एक्सेलरेटर का एक साथ ज्यादा इस्तेमाल करने पर क्लच की लाइफ पर भी असर पड़ता है, जिससे यह जल्दी खराब हो जाता है। दरअसल क्लच कार को पीछे की ओर लुढ़कने से बचाने के लिए ट्रांसमिशन में ज्यादा ताकत ट्रांसफर करता है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में बहुत ज्यादा गर्मी पैदा होती है, जिससे क्लच के घराब होने और आग लगने की भी संभावना बढ़ जाती है।
ट्रैफिक जाम में क्लच दबाए रखना
भारी ट्रैफिक के दौरान बहुत से लोग हल्के क्लच के साथ गाड़ी को लंबे समय तक चलाते हैं। इससे क्लच पर भारी दबाव पड़ता है। ऐसे में अच्छा होगा कि जब तक आपको पर्याप्त जगह नहीं मिल रहा है अपनी गाड़ी को आगे न बढ़ाएं। इसके अलावा ध्यान दें कि अगर गाड़ी 20 सेकेंड तक आगे नहीं बढ़ने वाली है तो उसे न्यूट्रल पर कर दें। लंबे समय तक क्लच पेडल को दबाए रखने पर क्लच का बॉल बेयरिंग खराब हो सकता है। हालांकि, भले ही बेयरिंग को बदला जा सकता है लेकिन इसके लिए फिर पूरे सेट-अप को बाहर निकालना पड़ेगा। ट्रैफिक में अक्सर इस लापरवाही के कारण लोगों के क्लच जल जाते हैं।
क्लच को जल्दी रिलीज करना
क्लच को रिलीज करना एक स्किल है जो प्रैक्टिस के साथ आती है। दरअसल हर दूसरी कार के क्लच में एक अलग बाइट प्वाइंट होता है। ऐसे में उस बाइट प्वाइंट पर बिना एक्सेलेरेटर दिए पहुंचने से कार को झटका लगने लगता है। यह क्लच को गर्म करता है और क्लच को जल्दी से खराब करता है। आसान भाषा में समझें तो क्लच एक प्रेशर प्लेट होता है जो इंजन की पावर को ट्रांसमिशन तक ले जाता है। इंजन चालू होने पर इंजन फ्लाईव्हील हमेशा घूमता रहता है। जब कार रुकी रहती है और क्लच न्यूट्रल में होता है, तो ट्रांसमिशन और इंजन फ्लाईव्हील दोनों आपस में डिस्कनेक्ट हो जाते हैं। जब पहला गियर लगा होता है और क्लच को धीरे-धीरे छोड़ा जाता है, तो क्लच प्लेट्स जुड़ने लगती हैं, जो बदले में ट्रांसमिशन को मूव करती है और कार आगे बढ़ती है। अगर क्लच को जल्दी से रिलीज कर दिया जाए, तो ट्रांसमिशन, जो स्थिर है, वह विपरीत बल लागू करेगा और क्लच सामान्य इस्तेमाल की तुलना में बहुत जल्दी एक्टिव हो जाएगा। क्लच को जल्दी से रिलीज करना भी ट्रांसमिशन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इससे आग लगने का भी खतरा पैदा हो जाता है।
डेड पेडल की तरह इस्तेमाल करना
ज्यादातर कारों में डेड पेडल नहीं मिलता है। यही कारण है कि कई कार चालक क्लच पर अपने बाएं पैर को आराम के लिए रखते हैं। यानी वो इसका इस्तेमाल डेड पेडल की तरह करते हैं। लेकिन थोड़े से दबाव के चलते क्लच आंशिक रूप से काम करता रहता है, जिससे कार की माइलेज घटती है। लंबे समय के बाद क्लच खराब हो जाता है।