भारतीय क्यों खरीदना चाहते हैं Seltos, Hector और Hyundai Venue, ये है वजह!
इन तीन कारों ने किया ‘कब्जा’
पिछले साल ऑटो सेक्टर पर ‘कब्जा’ जमाने वाली Kia Seltos, MG Hector और Hyundai Venue में एक दो चीजें समान थीं। पहली ये तीनों ही कारें एसयूवी सेगमेंट की थीं, और दूसरी ये तीनों ही कनेक्टिंग कारें थीं। इन तीनों ही गाड़ियों ने भारतीयों को जमकर लुभाया। एमजी हेक्टर पहलेr इंटरनेट कनेक्ट मिड साइज एसयूवी थी, जिसने टाटा हैरियर, जीप कंपास और महिंद्रा XUV500 को पीछे छोड़ दिया। 2019 की दूसरी छमाही में हेक्टर की तकरीबन 16 हजार यूनिट बिकी थीं, जबकि किआ सेल्टोस को लॉन्चिंग के पांच महीनों के भीतर ही एक लाख से ज्यादा बुकिंग मिलीं। वहीं वेन्यू को लॉन्चिंग के बाद 61 हजार बुकिंग मिलीं।
पांच तरह की कनेक्टिंग कारें
कनेक्टिंग कारों की खासियत होती है कि इनमें लगी खास डिवाइसेज के जरिये वे दूसरे वाहनों और सिस्टम से संपर्क स्थापित कर सकती है। वहीं इस फीचर से इंटरनेट और डाटा एक्सेस कर सकते हैं। दुनियाभर में पांच तरह की कनेक्टिंग टेक्नोलॉजी V2I (व्हीकल टू इंफ्रांस्ट्रक्चर), V2V (व्हीकल टू व्हीकल), V2C (व्हीकल टू क्लाउंड), V2P (व्हीकल टू पेडेस्ट्रियन), V2X (व्हीकल टू एवरीथिंग) मिलती है।
डाटा की फिक्र
स्टडी में बताया गया है कि भारत में डाटा के गलत इस्तेमाल को लेकर भी लोग चिंतित हैं। 69 फीसदी लोग कनेक्टेड व्हीकल्स के बायोमीट्रिक डाटा की सुरक्षा को लेकर पऱेशान हैं, उनका कहना है कि बाहरी कंपनियों को यह डाटा शेयर करना बड़ी चिंता है। इसमें हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर, ब्लड अल्कोहल लेवल जैसा डाटा भी शामिल है। स्टडी का कहना है कि डाटा सिक्योरिटी को लेकर जर्मनी (62 फीसदी) और अमेरिका (59 फीसदी) इसमें दूसरे-तीसरे नंबर पर हैं। वहीं दुनिया के सबसे बड़े बाजार चीन में 40 फीसदी लोग कनेक्टिंग वाहनों में डाटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता जाहिर की।
चार फीसदी लोग नहीं चाहते शेयरिंग
बाहरी पार्टियों में इंश्योरेंस कंपनियां, सरकार, डीलर्स और ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स शामिल हैं। स्टडी के मुताबिक 3022 लोगों में से 35 फीसदी का मानना है कि ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) को बॉयोमीट्रिक डाटा शेयर करना सुरक्षित है, जबकि 15 फीसदी सरकार के साथ डाटा शेयर करना चाहते हैं। वहीं 10 फीसदी को डीलर्स के साथ डाटा शेयर करने में कोई परेशानी नहीं है। वहीं चार फीसदी लोग बॉयोमीट्रिक डाटा के शेयर करने के पक्षधर नहीं हैं।