क्या आपने कभी सोचा है कि एक वाहन की बिक्री पर कंपनी को कितना फायदा होता है? या एक वाहन की बिक्री पर सरकार को टैक्स से कितना मुनाफा होता है? नहीं सोचा? तो चलिए आज हम इन दोनों ही सवालों का जवाब बताने जा रहे हैं। दरअसल कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से पूरे देशभर में लॉकडाउन लगाया गया था। लोगों की जान बचाने के लिए वैसे तो यह लॉकडाउन बहुत जरूरी था, लेकिन इसने भारतीय अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान पहुंचाया। लॉकडाउन के कारण लगभग हर सेक्टर को नुकसान हुआ, लेकिन जिन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ उनमें ऑटोमोबाइल भी एक है।
कभी सोचा है: एक कार या मोटरसाइकिल की बिक्री पर सरकार और कंपनियां कितना कमाती हैं?
एक वाहन की बिक्री पर कंपनी को कितना होता है फायदा?
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम- SIAM) के अध्यक्ष राजन वढेरा के मुताबिक कंपनियों को वाहनों पर 3 से 9 फीसदी तक का मुनाफा होता है। उन्होंने बताया कि कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री पर कंपनियों को 3 फीसदी तक का मुनाफा होता है। वहीं, पैसेंजर वाहनों की बिक्री पर निर्माता कंपनियों को 5-6 फीसदी तक का फायदा होता है।
राजन वढेरा के मुताबिक कंपनियों को सबसे ज्यादा मार्जिन दो-पहिया वाहनों की बिक्री पर होता है। दो-पहिया वाहनों की बिक्री पर निर्माता कंपनियों को 9 फीसदी तक का मार्जिन मिलता है।
वाहनों की बिक्री पर सरकार को कितना होता है फायदा?
सियाम के अध्यक्ष राजन वढेरा ने कहा कि सरकार की तरफ से ऑटो इंडस्ट्री पर 28 से 60 फीसदी तक जीएसटी टैक्स लगाए जा रहे हैं। यानी अलग-अलग वाहनों की कैटेगरी पर सरकार की तरफ से अलग-अलग जीएसटी की दरें लगाई गई हैं। ऐसे में सरकार वाहनों की बिक्री पर 60 फीसदी तक का मुनाफा कमा रही है।
ऑटो इंडस्ट्री को लगा लॉकडाउन का झटका
कोरोना की मार से ऑटो इंडस्ट्री को काफी नुकसान हुआ है। सियाम का कहना है कि वित्तवर्ष 2018-19 जैसे हालात तक पहुंचने में बाजार को तीन से चार साल लग जाएंगे। इंडस्ट्री के मुताबिक सभी वाहनों की कैटेगरी में 26 से 45 फीसदी तक की गिरावट देखी जा रही है, जिससे उबरना बहुत मुश्किल हो गया है।
मई के मुकाबले बढ़ी बिक्री
ऑटो सेक्टर को भले ही नुकसान का सामना करना पड़ा हो, लेकिन राहत की खबर यह है कि मई के मुकाबले जून में बिक्री काफी बढ़ी है। ऑर्डर और पूछताछ को मिला कर 85 फीसदी हालात कोरोना के पहले जैसे हो गए हैं।