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EV : इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों के लिए खुशखबरी, अब केंद्र सरकार ने दी ये छूट, बचेंगे पैसे
Wed, 04 Aug 2021 10:45 AM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 04 Aug 2021 10:45 AM IST
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Electric Car
- फोटो : Unsplash
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों के पास खुश होने का एक और कारण है क्योंकि सरकार ने उन लोगों को एक और छूट की पेशकश की है जो इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने की योजना बना रहे हैं। केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि ईवी-मालिकों को अब रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट फीस (पंजीकरण प्रमाणपत्र शुल्क) का भुगतान करने की जरूरत नहीं है।
Electric Car
- फोटो : Unsplash
मंत्रालय ने 27 मई, 2021 को बैटरी से चलने वाले वाहनों (बीओवी) की छूट का प्रस्ताव करते हुए एक मसौदा अधिसूचना जारी की, जिसमें मसौदा अधिसूचना की तारीख से 30 दिनों के भीतर आम जनता और हितधारकों से टिप्पणियां मांगी गईं। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि "उक्त राजपत्र अधिसूचना की प्रतियां 31 मई, 2021 को जनता के लिए उपलब्ध कराई गईं; और जबकि, उक्त मसौदा नियमों के संबंध में जनता से कोई आपत्ति और सुझाव नहीं मिले थे।"
सरकार ने कहा कि इन नियमों को केंद्रीय मोटर वाहन (सोलहवां संशोधन) नियम, 2021 कहा जा सकता है और ये आधिकारिक राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख से लागू होंगे।
सरकार ने कहा कि इन नियमों को केंद्रीय मोटर वाहन (सोलहवां संशोधन) नियम, 2021 कहा जा सकता है और ये आधिकारिक राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख से लागू होंगे।
Electric Car
- फोटो : Unsplash
बता दें कि अक्तूबर 2020 में, दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि दिल्ली सरकार ने अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत सभी बीओवी को पंजीकरण शुल्क से छूट दी है।
इस समय, भारत में कुल वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी सिर्फ 1.3 फीसदी है। हालांकि, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना जैसे कई अन्य राज्यों ने अपनी ईवी नीतियों को अधिसूचित किया है और इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को बढ़ावा देने के लिए कई इंसेंटिव की पेशकश की है।
इस समय, भारत में कुल वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी सिर्फ 1.3 फीसदी है। हालांकि, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना जैसे कई अन्य राज्यों ने अपनी ईवी नीतियों को अधिसूचित किया है और इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को बढ़ावा देने के लिए कई इंसेंटिव की पेशकश की है।
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Electric car Charging
- फोटो : For Reference Only
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की पहल की है। जैसे कि सरकार ने घरेलू करों को कम रखकर, FAME II योजना के जरिए इंसेंटिव की पेशकश, और देश में ईवी इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने में मदद करने के बावजूद, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार काफी धीमी है, यानी उतनी नहीं जितना सरकार चाहती थी। उचित बुनियादी ढांचे जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, जबकि इलेक्ट्रिक कारों की लागत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की तुलना में ज्यादा है।
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Nitin Gadkari and Tesla Car
- फोटो : Amar Ujala Graphics
पिछले हफ्ते, अमेरिका की दिग्गज इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लगाए गए उच्च आयात शुल्क पर एक बहस छेड़ दी। इस बहस में भारत में कार निर्माता अपनी राय में विभाजित हो गए कि क्या सरकार को ऐसे वाहनों की लागत को कम रखने और बड़े पैमाने पर उन्हें ज्यादा किफायती बनाने की कोशिश में छूट की पेशकश करनी चाहिए।