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खुशखबरी! कैब कंपनियों के मनमाने किराये पर मोदी सरकार का सर्जिकल स्ट्राइक, हेलमेट को लेकर भी बदले नियम

Sat, 28 Nov 2020 01:42 PM IST
श्रीधर मिश्रा ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Sat, 28 Nov 2020 01:42 PM IST
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Central government imposed limit on arbitrary fare collection of cab companies like Ola and Uber
सांकेतिक - फोटो : Amar Ujala

अगर आप अक्सर कैब से सफर करते हैं, तो आपके लिए एक खुशखबरी है। अब पीक टाइम में कैब कंपनियां आपसे ज्यादा किराया वसूल नहीं कर पाएंगी। दरअसल मोदी सरकार ने शुक्रवार को कैब कंपनियों के मांग बढ़ने (पीक आवर) पर किराया बढ़ाने की सीमा तय कर दी है। यानी अब केंद्र सरकार के इस नए फैसले से ओला और उबर जैसी कैब कंपनियां पीक आवर में आपसे मनमाना किराया नहीं वसूल कर सकेंगी। बदलाव के बाद अब कैब कंपनियां आपसे सर्ज प्राइसिंग के नाम पर मूल किराये के डेढ़ गुना से अधिक किराया नहीं वसूल कर पाएंगी।

मनमाने किराये पर लगी रोक

Central government imposed limit on arbitrary fare collection of cab companies like Ola and Uber
सांकेतिक - फोटो : Unsplash

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2020 के मुताबिक, अब एग्रीगेटर कंपनियां मूल किराये का केवल डेढ़ गुना तक ज्यादा किराया वसूल कर सकती हैं। वहीं, कंपनियों को मूल किराये के 50 फीसदी तक न्यूनतम किराये वसूलने की मंजूदी दी गई है।

वाहन चालक को भी मिलेगा फायदा

Central government imposed limit on arbitrary fare collection of cab companies like Ola and Uber
सांकेतिक - फोटो : Unsplash

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2020 के मुताबिक, अब हर सवारी से लिए गए किराये का कम से कम 80 फीसदी हिस्सा वाहन के चालक को मिलेगा।

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ब्रांडेड हेलमेट की बिक्री होगी अनिवार्य

Central government imposed limit on arbitrary fare collection of cab companies like Ola and Uber
सांकेतिक - फोटो : Unsplash

जून 2021 से देश में केवल ब्रांडेड हेलमेट की बिक्री ही होगी। इस नियम के लागू होने के बाद खराब क्वालिटी वाले लोकल हेलमेट को बेचना अपराध माना जाएगा। इसके अलावा लोकल हेलमेट का प्रोडक्शन भी गैर कानूनी माना जाएगा।

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सड़क हादसों में होने वाली मौतों पर रोक लगानी की कोशिश

Central government imposed limit on arbitrary fare collection of cab companies like Ola and Uber
सांकेतिक - फोटो : Social Media

हर साल भारत में करीब 1.5 लाख लोगों की सड़क हादसों में मौत हो जाती है। एक औसत के मुताबिक हर रोज करीब 400 लोग रोड एक्सीडेंट में अपनी जान गंवा देते हैं। ऐसे में सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करने के लिए केंद्र सरकार लगातार सख्ती बरत रही है।

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