भीड़भाड़ वाली सड़कों पर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन को कोई मुकाबला नहीं है। यही वजह है कि इन दिनों एएमटी गियरबॉक्स वाली कारों की लोकप्रियता बढ़ रही है। एएमटी गियरबॉक्स वाली कारें आराम से 5 लाख रुपये तक की कीमत में मिल जाती हैं। तकरीबन सभी कार कंपनियां अपने पॉपुलर मॉडल्स के साथ एएमटी फीचर दे रही हैं। यही वजह है कि लोग अब मैनुअल से ऑटोमैटिक गियरबॉक्स पर शिफ्ट हो रहे हैं। एएमटी कारें लेने के बाद भी लोग अभी भी इसके फंक्शन को समझ नहीं पा रहे हैं और गलतियां कर रहे हैं। जानते हैं उन आम गलतियों के बारे में...
Car Tips: अगर चलाते हैं ऑटोमैटिक गियर वाली कार, कहीं आप तो नहीं करते ये गलतियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ढलान पर न करें न्यूट्रल
अकसर लोग सबसे बड़ी गलती नई ऑटोमैटिक कारों के साथ करते हैं कि लोग ढलान में उतरने के दौरान तेल बचाने के लिए कार को ‘N’ यानी न्यूट्रल में कर देते हैं। ऐसा करना गियरबॉक्स को नुकसान पहुंचा सकता है। क्योंकि ऐसा करने से ऑल सप्लाई कट जाती है और ट्रांसमिशन को ऑपरेशन के लिए लुब्रिकेशन नहीं मिल पाता। जिससे गियर को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं न्यूट्रल में ड्राइविंग करना हादसे को न्यौता देने जैसा है।
बिना रोके सीधे ‘D’ से ‘R’ में शिफ्ट करना
वहीं लोग दूसरी सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि कार को बिना रोके सीधे रिवर्स में डाल देते हैं। कार को बिना रोके सीधे रिवर्स में डालना गियरबॉक्स को फेल कर सकता है। ऐसा मैनुअल कारों के साथ भी होता है, अगर इनमें भी सीधे ही रिवर्स गियर डाल देते हैं, तो गियरबॉक्स खराब हो सकता है। इसलिए ऑटोमैटिक कार को बिना रोके सीधे ‘D’ से ‘R’ में शिफ्ट करना खतरनाक हो सकता है।
लान्च कंट्रोल
ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों में एक फीचर होता है लान्च कंट्रोल। मैनुअल गियर से ऑटोमैटिक पर शिफ्ट करने वालों को अकसर यह समझ नहीं आता है। लोग सीधे न्यूट्रल से ‘D’ पर शिफ्ट कर देते हैं। इसका सही तरीका है कि ड्राइविंग के दौरान ब्रेक पैडल पर प्रेस करें और लान्च करने के बाद ब्रेक पैडल से पैर हटा लें, ठीक वैसे ही जैसे मैनुअल कारों में क्लच के साथ करते हैं। ध्यान रखें कि कार को बार-बार लान्च करने से पार्ट्स को नुकसान पहुंच सकता है।
चलती कार में ‘P’ मोड का इस्तेमाल
ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन में ‘P’ मोड का मतलब है पार्किंग मोड। इस फीचर का प्रयोग कार को आगे या पीछे जाने से रोकने के लिए किया जाता है। इस मोड पर लीवर को लाने से पहले कार को जरूर रोकें। चलती कार को सीधे पी मोड पर न डालें। अगर चलती कार में पी मोड का प्रयोग करेंगे, तो ट्रांसमिशन को नुकसान पहुंच सकता है। जब कार पूरी तरह से रुक जाए, तभी पार्किंग मोड का यूज करें।