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ATMS: एटीएमएस लागू होने के बाद इस एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना से नहीं गई किसी की जान, 2023 में हुई थीं 188 मौतें

Sat, 07 Dec 2024 03:25 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Sat, 07 Dec 2024 03:25 PM IST
सार

एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) को लागू करने के बाद से बंगलूरू-मैसूर एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या में काफी कमी आई है। और सितंबर के बाद से ऐसी कोई मौत नहीं हुई है।

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Advanced Traffic Management System implementation reduced Accidental deaths on Bangalore–Mysore expressway
Bengaluru-Mysuru National Highway - फोटो : X/@nitin_gadkari
एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) (उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली) के कार्यान्वयन के बाद 117 किलोमीटर लंबे बंगलूरू-मैसूर एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना के कारण होने वाली मौतों की संख्या में काफी कमी आई है। और सितंबर के बाद से ऐसी कोई मौत नहीं हुई है। 
Advanced Traffic Management System implementation reduced Accidental deaths on Bangalore–Mysore expressway
Bengaluru-Mysuru National Highway - फोटो : PTI
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा को बताया कहा कि इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) को एटीएमएस के रूप में लागू किया जा सकता है या यह व्यापक (वाहन से लेकर सब कुछ) वी2एक्स संचार का हिस्सा हो सकता है।

उन्होंने कहा, "इसका मकसद एटीएमएस के क्रियान्वयन से दुर्घटनाओं, ट्रैफिक उल्लंघनों और घटना प्रतिक्रिया समय को कम करना है। सरकार राजमार्गों और एक्सप्रेसवे में एटीएमएस समाधान को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बना रही है।"
Advanced Traffic Management System implementation reduced Accidental deaths on Bangalore–Mysore expressway
National Highway - फोटो : iStock
बंगलूरू-मैसूर एक्सप्रेसवे भारत का एकमात्र ऐसा रोड है, जहां एटीएमएस का काम पूरा हो चुका है। गडकरी ने कहा कि बंगलूरू-मैसूर एक्सप्रेसवे में एटीएमएस की स्थापना से पहले और बाद में दुर्घटना के आंकड़ों की समीक्षा की गई। और पाया गया कि जुलाई, 2024 में एटीएमएस के लागू होने के बाद मृत्यु दर में कमी आई है।

गडकरी ने बताया कि जुलाई में इस सड़क पर दुर्घटनाओं में छह मौतें हुईं, जो अगस्त में घटकर दो हो गईं और उसके बाद शून्य हो गईं। 
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Advanced Traffic Management System implementation reduced Accidental deaths on Bangalore–Mysore expressway
National Highway - फोटो : X@nitin_gadkari
2023 में इस सड़क पर दुर्घटनाओं में 188 मौतें हुईं - मई (29) और जून (27) में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गईं। मार्च और अप्रैल 2023 में 20-20 मौतें दर्ज की गईं।

इस साल जनवरी में 12 मौतें हुईं। मार्च और जून में हर महीने नौ मौतें हुईं। फरवरी और जुलाई में छह-छह मौतें हुईं। मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल और मई में तीन-तीन लोगों की मौत हुई।

अलाथुर के सांसद के राधाकृष्णन ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से देश भर में नेशनल हाईवे पर लगाए गए आईटीएस के आंकड़ों के बारे में पूछा था।
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Ring Road - फोटो : Adobe Stock
गडकरी ने यह भी कहा कि दिल्ली और हरियाणा में 58 किलोमीटर लंबे द्वारका एक्सप्रेसवे, उत्तर प्रदेश में 180 किलोमीटर लंबे दिल्ली-आगरा ई-वे और उत्तर प्रदेश में ही 103 किलोमीटर लंबे लखनऊ रिंग रोड के लिए यह टेक्नोलॉजी प्रदान की गई है।

दिल्ली और हरियाणा में 75 किलोमीटर लंबे यूईआर-II, कर्नाटक में 80 किलोमीटर लंबे बंगलूरू रिंग रोड और उत्तराखंड में 825 किलोमीटर लंबे चारधाम संपर्क के लिए बोली प्रक्रिया चल रही है।
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