ज्योतिष शास्त्र में शुक्र देव को इस संसार के समस्त भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। ये वृष और तुला राशि का स्वामी हैं और कन्या राशि में नीच के, तो मीन राशि राशि में उच्च के होते हैं। माना जाता है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है उसे जातक को जीवन में समस्त प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं। ऐसे जातक ऐशोआराम का जीवन व्यतीत करते हैं। वहीं जिस व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति मजबूत नहीं होती है उन्हें जीवन में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। ऐसे जातकों का जीवन भौतिक सुखों के अभाव में व्यतीत होता है। शुक्र देव 11 अगस्त सुबह 11 बजकर 20 मिनट सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र इस राशि में 06 सितंबर 2021 को देर रात 12 बजकर 39 मिनट तक रहेंगे। इसके बाद ये तुला राशि में चले जाएंगे। कन्या शुक्र ग्रह की नीच राशि है। कोई भी ग्रह अपनी नीच राशि में कमजोर माना जाता है। हालांकि शुक्र के इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर शुभ-अशुभ रूप से पड़ेगा। इनमें पांच राशियों को अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं-
Venus Transit in Virgo 2021: शुक्र करेंगे कन्या राशि में गोचर, सितारे की तरह चमक जाएगा 5 राशियों का भाग्य
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रुस्तम राणा
Updated Fri, 06 Aug 2021 08:09 AM IST
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