सभी तरह के सांसारिक सुखों को प्रदान करने वाले शुक्र देव 10 अप्रैल को मीन राशि से मेष राशि में गोचर कर रहे हैं। इस राशि में शुक्र देव 04 मई 2021 तक स्थित रहेंगे। इसके बाद ये अपनी स्वराशि वृषभ में जाएंगे। शुक्र के इस गोचर का सभी राशियों पर शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ेगा।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र देव वृष और तुला राशि के स्वामी हैं। ये कन्या राशि में नीच और मीन राशि में उच्च भाव में होते हैं। शुक्र जब किसी व्यक्ति की कुंडली में प्रबल होता है तो उसका जीवन बहुत ही सुख और शांति से बीतता है। व्यक्ति सभी तरह के भौतिक सुखों का आनंद लेता है।
वहीं कुंडली में शुक्र के कमजोर होने व्यक्ति को आर्थिक परेशानियां और भौतिक चीजों की कमी सताने लगती है। जीवन में दरिद्रता का आगमन भी शुक्र ग्रह के पीड़ित होने के कारण आती है। ज्योतिष विज्ञान में शुक्र के कमजोर होने पर उसको मजबूत करने के कुछ उपाय बताए जाते हैं जिसमें पूजा-पाठ, दान, व्रत और रत्न को धारण करने की सलाह दी जाती है।
कुंडली में शुक्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय
शुक्र ग्रह को शुभ बनाने के लिए इस मंत्र का जाप किया जाता है-
ॐ शुं शुक्राय नम:।
ॐ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुं
कुंडली में शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए शुक्रवार का व्रत रखें और मां लक्ष्मी की उपासना करें।
ज्योतिष में प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग रंगों के वस्त्रों को पहना जाता है। शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए इस दिन सफेद रंग के कपड़े पहना शुभ रहता है। दान देने से सभी तरह के दोष दूर हो जाते हैं, ऐसे में शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए सफेद चीजों का दान करना चाहिए।