आप धन कमाने के लिए खूब मेहनत करते हैं,परंतु कई बार ऐसा होता है कि काफी कोशिशों के बाद भी आप पैसा बचा नहीं पाते हैं। यदि आप भी धन संबंधी समस्याओं को लेकर चिंतित रहते हैं तो इसका कारण आपके घर में मौजूद वास्तुदोष हो सकता है। इस दोष के निवारण और धन एवं समृद्धि के लिए वास्तुशास्त्र में कुछ आसान उपाय ऐसे बताए गए हैं जिससे धन एवं सुख में बाधक नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव दूर जाता है और धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहती है।
स्वास्तिक
यदि आपको अपने कारोबार में घाटा हो रहा है, तो इसके लिए आपको अपने कार्यस्थल के ईशान कोण में लगातार 7 गुरुवार को वहां पर सूखी हल्दी से स्वास्तिक का चिन्ह बनाने से व्यापार में फायदा होगा। इसी प्रकार उत्तर दिशा में हल्दी का स्वास्तिक चिन्ह बनाने से आपको अपने कार्य में सफलता मिलती है। स्वास्तिक वास्तुदोष निवारण के लिए एक अच्छा उपाय है क्योंकि इसकी चारों भुजाएं चारों दिशाओं की प्रतीक होती हैं और इसीलिए इस चिन्ह को बना कर चारों दिशाओं को एक समान शुद्ध किया जा सकता है। यदि आपके घर में मुख्यद्वार के आस-पास किसी प्रकार का कोई वास्तुदोष है तो यहां की नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने के लिए आपको 9 इंच लंबा और चौड़ा सिंदूर से दरवाजे पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाना चाहिए। इसकी जगह आप अष्टधातु या तांबे का स्वास्तिक भी यहाँ लगा सकते हैं।
गणेशजी
गणेशजी यूं तो हर रूप में मंगलकारी हैं। लेकिन धन और सुख में बाधा को दूर करने के लिए नृत्य करती हुई गणेश जी की प्रतिमा घर में रखना बहुत ही शुभ होता है। गणेश जी की ऐसी प्रतिमा को इस प्रकार रखना चाहिए कि घर के सभी सदस्यों की दृष्टि इन पर बार-बार पड़े। प्रतिमा नहीं होने पर तस्वीर भी लगा सकते हैं,पर इनका मुख दक्षिण दिशा की ओर नहीं हो।
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कुबेर और लक्ष्मीजी
देवी लक्ष्मी की तस्वीर या मूर्ति आपके घर में जरूर होगी लेकिन धन में वृद्धि के लिए लक्ष्मी के साथ घर में कुबेर की मूर्ति या तस्वीर रखना आवश्यक माना गया है। मां लक्ष्मी धन और सौभाग्य देती हैं, वहीं आय के नए अवसर देवता कुबेर प्रदान करते हैं। इसलिए धन प्राप्ति के लिए दोनों एक दूसरे के पूरक माने जाते हैं। कुबेर उत्तर दिशा के स्वामी हैं इसलिए इन्हें हमेशा उत्तर दिशा में ही रखें।
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नारियल
हिन्दू धर्म में नारियल को श्रीफल कहा गया है। श्री का अर्थ होता है लक्ष्मी इसलिए नारियल को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। इनमें एकाक्षी नारियल बहुत ही शुभ होता है। जिस घर में एकाक्षी नारियल की नियमित पूजा होती है वहां नकारात्मक शक्तियां नहीं ठहरती,माँ लक्ष्मी की कृपा के साथ, घर में खुशहाली बनी रहती है।
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शंख (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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शंख
वास्तु विज्ञान के अनुसार शंख में घर का वास्तु दोष दूर करने की अद्भुत क्षमता है। जहां नियमित रूप से शंख का घोष होता वहां के आस-पास की हवा भी शुद्ध और सकारात्मक हो जाती है। शास्त्रों में कहा गया है जिन घरों में देवी लक्ष्मी के हाथों में शोभा पाने वाला दक्षिणवर्ती शंख होता है वहां लक्ष्मी स्वयं निवास करती हैं। ऐसे घर में धन संबंधी परेशानी कभी नहीं आती है। शंख में चावल भरकर लाल कपड़े में लपेटकर या इसमें शुद्ध जल भरकर पूजा स्थान में रखना चाहिए और नियमित इसकी पूजा करनी चाहिए।