घरों में पेड़-पौधे लगाना शुभ माना जाता है। इनसे न केवल घर में खुशहाली आती है, बल्कि घर के सदस्यों की सेहत भी दुरुस्त रहती है। शिवपुराण के अनुसार बिल्ववृक्ष महादेव का ही रूप है,देवताओं ने भी इस शिवस्वरूप वृक्ष की स्तुति की है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा में बेलपत्र के प्रयोग का महत्व हर कोई जानता है लेकिन क्या आप जानते हैं इस पौधे को घर में लगाने से भी आपको अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है,वहीं बेल का पौधा आपके घर के वास्तुदोष को दूर करने में सहायक है। हिंदी पंचाग के अनुसार किसी भी माह की अष्टमी, अमावस्या, पूर्णिमा तिथि अथवा सोमवार के दिन बेलपत्र नहीं तोड़ने चाहिए। बेलपत्र को शिव पूजन में स्वच्छ जल से या गंगाजल से धोकर आप एक से अधिक बार भी इस्तेमाल कर सकते हैं। कटा-फटा और सूखा बेलपत्र शिवजी को अर्पित करना शास्त्रों में वर्जित बताया गया है।
सावन में शिव स्वरूप बिल्व को घर में लगाएं, मिलेगा पुण्य लाभ, दूर होंगे वास्तुदोष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिल्व के मूल भाग में निवास करते हैं सम्पूर्ण तीर्थ
भगवान शिव जी को परम प्रिय बिल्ववृक्ष जिस किसी के घर में होता वहां धन संपदा की देवी लक्ष्मी पीढ़ियों तक निवास करती हैं। शिव पुराण के अनुसार तीनों लोकों में जितने पुण्य तीर्थ प्रसिद्द हैं, वे सम्पूर्ण तीर्थ बिल्व के मूल भाग में निवास करते हैं। जो मनुष्य बिल्व के मूल में लिंगस्वरूप अविनाशी महादेव का पूजन करता है,वह निश्चय ही शिवपद को प्राप्त होता है। जो बिल्व की जड़ के पास जल से अपने मस्तक को सींचता है,वह सम्पूर्ण तीर्थों में स्नान का फल पा लेता है।
जो मनुष्य गंध, पुष्प आदि से बिल्व के मूलभाग का पूजन करता है, वह शिवलोक को पाता है और इस लोक में भी उसकी सुख-संतति बढ़ती है। जो बिल्व की जड़ के समीप आदरपूर्वक दीप जलाता है,उसे भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जो मनुष्य बिल्व के नए पत्ते तोड़कर बिल्व वृक्ष की पूजा करता है,वह सब पापों से मुक्त हो जाता है। जो बिल्व की जड़ के समीप भगवान शिव के भक्त को श्रद्धा पूर्वक भोजन कराता है,उसे कोटिगुना पुण्य की प्राप्ति होती है। जो बिल्व की जड़ के पास शिवभक्त को खीर और घृतयुक्त भोजन देता है,वह कभी दरिद्र नहीं होता है। बेल के पेड़ के दर्शन से ही लाभ होता है और ये वंश वृद्धि में लाभदायक होता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के प्रांगण में बेल का पौधा होने से आप सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाओं से बचे रहते हैं एवं वास्तुदोष दूर होकर घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में लगा बेल का पौधा वहां रहने वाले हर सदस्य को यशस्वी और तेजवान बनाता है। सम्मान तथा प्रसिद्धि की चाह रखने वाले व्यक्ति इस पौधे को इस दिशा में लगाएं।
- इसी तरह सभी प्रकार की सुख प्राप्ति के लिए घर के ब्रह्मस्थान में बेल का पौधा रख सकते हैं। ऐसे घर में परिवार के सभी सदस्यों के बीच सद्भाव रहता है। उनके जीवन में किसी भी प्रकार से अचानक कोई परेशानी नहीं आती।