ज्योतिष और वास्तु दोनों में ही काले रंग के प्रयोग को लेकर बचने को कहा जाता है। वास्तु के अनुसार घर के कुछ स्थानों पर काले रंग का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए। काले रंग को नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि कपड़ों से लेकर घर में रंग करवाने और सामान तक में काले रंग के प्रयोग को कम से कम वरीयता दी जाती है। वास्तु में कुछ विशेष स्थानों के बारे में बताया गया है, जहां पर काले रंग का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
बच्चों के कमरे में
वैसे तो बहुत कम ऐसा होता है कि लोग घर की दीवारों पर काले रंग का प्रयोग करते हैं, लेकिन कभी-कभी लोग घर को एक नया रूप देने के लिए अलग-अलग रंग की दीवारे करवाते हैं उनमें काले रंग को भी शामिल कर लेते हैं। वास्तु कहता है कि बच्चों के रहने के कमरे और पढ़ाई करने के कमरे में काले रंग का प्रयोग बिलकुल नहीं करना चाहिए। इससे बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा बच्चों के कमरे में गहरा ब्राउन, ग्रे आदि रंग भी नहीं करने चाहिए।
शयन कक्ष में न करें काले रंग का प्रयोग
वास्तु की जानकारों के अनुसार शयनकक्ष में भूलकर भी काले रंग का प्रयोग नहीं करना चाहिए। पलंग पर काले रंग की चादर का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि शयनकक्ष शुक्र का स्थान है और काला रंग शनि का प्रतीक है। शुक्र और शनि के मिलन से रिश्ते में दरार आ सकती है।
रसोई में काले रंग के प्रयोग से बचें
अक्सर लोग रसोई में काले पत्थर का प्रयोग करते हैं। वास्तु के अनुसार रसोई में काले रंग का प्रयोग करने से बचना चाहिए। यदि आपने गैस चूल्हा रखने के स्थान पर काले रंग का पत्थर लगाया हुआ है तो वहां पर चूल्हे के नीचे कोई हल्के रंग की टाइल रख दें। इससे काले रंग का दुष्प्रभाव कम हो जाता है।
काले रंग का प्रयोग लोग बुरी नजर से बचने के लिए करते हैं। काला रंग अपने अंदर ऊर्जा को अशोषित करता है। इसलिए घर के बाहर काले रंग का प्रयोग करना सही रहता है, जिससे आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता है। दरवाजे पर काले रंग का धागा बांधा जा सकता है।