Surya Grahan 2022: आज साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लग रहा है। ये सूर्य ग्रहण 4 घंटे, 3 मिनट का होगा। सूर्य ग्रहण दोपहर में 02 बजकर 29 मिनट पर आरंभ होगा और इसका समापन शाम 06 बजकर 32 मिनट पर होगा। हालांकि भारत में में इसकी शुरुआत शाम को 04 बजकर 22 मिनट से होगी और यहां यह सूर्यास्त के साथ ही समाप्त हो जाएगा। आज लगने वाला सूर्य ग्रहण आंशिक सूर्य ग्रहण है। सूतक काल सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पूर्व आरंभ होता है। अब जब भारत में सूर्य ग्रहण शाम 04:22 से लगेगा ऐसे आज सूतक काल सुबह 04:22 मिनट से आरंभ हो चुका है। ग्रहण काल के साथ सूतक काल में भी बहुत से नियमों पर ध्यान देना आवश्यक है। यदि आप सूतक काल के दौरान नियमों की अनदेखी करेंगे तो इसका अशुभ परिणाम भुगतना पड़ सकता है। आइए जानते हैं क्या हैं वो जरूरी नियम।
Surya Grahan 2022: सूतक काल जारी, न करें इन नियमों की अनदेखी, मिल सकते हैं अशुभ परिणाम
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क्या है सूतक काल?
ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार सूतक काल सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पूर्व प्रारंभ हो जाता है, जबकि चंद्र ग्रहण में सूतक काल 09 घंटे पूर्व प्रारंभ होता है। सूतक काल को एक प्रकार से अशुभ समय माना जाता है। इसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जा सक्तीय है। सूतक काल का अंत ग्रहण खत्म होने के बाद ही होता है। जिस स्थान पर सूर्य ग्रहण या कोई भी ग्रहण दिखता है वहीं पर सूतक काल मान्य होता है।
सूतक काल के नियम
- सूतक काल में किसी भी प्रकार का भोजन ग्रहण न करें। हालांकि बीमार, वृद्ध और गर्भवती महिलाओं के लिए इस तरह के नियम लागू नहीं हैं।
- बने हुए भोजन में तुलसी का पत्ता तोड़कर डाल दें। तुलसी के पत्ते के कारण दूषित वातावरण का प्रभाव खाद्य वस्तुओं पर नहीं पड़ता।
- सूतक लगने के साथ गर्भवती महिलाएं विशेष रूप से ध्यान रखें।
- सूतक काल से लेकर ग्रहण पूरा होने तक घर से न निकलें और अपने पेट के हिस्से पर गेरू लगाकर रखें।
- सूतक काल में गर्भवती स्त्रियां किसी भी प्रकार की नुकीली वस्तुओं जैसे कैंची, चाकू, छुरी या सुई का इस्तेमाल न करें।
- सूतक काल में घर के मंदिर में भी पूजा पाठ न करें। हो सके तो मंदिर में पर्दा लगाकर रखें।
- सूतक काल में सोना, नाख़ून काटना, भोजन बनाना, तेल लगाना, बाल काटना अथवा कटवाना आदि वर्जित है।
- सूतक काल में झूठ बोलना, छल-कपट, बेकार के वार्तालाप नहीं करने चाहिए।
- सूर्यग्रहण के समय ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
- सूर्य ग्रहण के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
सूतक काल के समय गर्भवती महिलाएं क्या करें
- गर्भवती महिलाएं घर के अंदर रहें, ग्रहण के समय बाहर जाने से बचें।
- गर्भवती महिलाओं को जागते रहना चाहिए और मंत्रों का जाप करना चाहिए
- जैसे ही ग्रहण समाप्त होता है, गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचने के लिए स्नान करना चाहिए।
- दरवाजे और खिड़कियां पर पर्दे लगा दे ताकि सूर्य की किरणें घर के अंदर प्रवेश न करें।