Surya Grahan June 2021 Effects: 10 जून ज्येष्ठ अमावस्या तिथि पर सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। महत्वपूर्ण बात ये है कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह इस साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 01:42 बजे से शुरू होगा जो शाम 06:41 बजे समाप्त होगा। इस सूर्यग्रहण को उत्तर-पूर्व अमेरिका, यूरोप, उत्तरी एशिया और उत्तरी अटलांटिक महासागर में देखा जाएगा। इस सूर्यग्रहण को खंडग्रास, रिंग फिंगर और वलयाकार सूर्य ग्रहण भी कहा जा रहा है। भारत में दिखाई न देने के कारण ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। ग्रहण काल में सूतक का विचार किया जाता है। इस दौरान कई कार्यों को करने की मनाही होती है। ग्रहण काल में मंदिरों के कपाट बंद हो जाते हैं, पूजा पाठ एवं अन्य प्रकार के मंगल अनुष्ठान रुक जाते हैं।
Surya Grahan June 2021 Effects: इस राशि-नक्षत्र में लग रहा है साल का पहला सूर्यग्रहण, जानें प्रभाव
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आपकी राशि में ग्रहण लग रहा है। इस अवधि में आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपको अपने करियर और सेहत को लेकर सावधान रहना होगा। अपनी ऊर्जा का सही दिशा में प्रयोग करें। आपके खर्चों में बेतहाशा वृद्धि हो सकती है। बचत कर पाना मुश्किल होगा। किसी भी दीर्घावधि में निवेश न करें।
इस अवधि में आपको व्यापार में काफी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। इस समय आपके ऊपर कर्ज का बोझ बढ़ सकता है। शेयर बाजार में निवेश करना आपके लिए हानि का सौदा हो सकता है। ग्रहण के प्रभाव से आपको अकस्मात लाभ या हानि हो सकती है। किसी भी तरह के अनैतिक और गैरकानूनी कार्यों से बचें और आर्थिक मामलों को लेकर सावधानी बरतें।
आपकी सेहत पर ग्रहण का बुरा असर पड़ सकता है। हड्डियों और आंखों में किसी तरह की शिकायत हो सकती है। व्यापार में घाटा होने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि ग्रहण के प्रभाव से आप धर्म-कर्म के कार्य में रुचि लेंगे। अचानक से धनलाभ के योग बन रहे हैं। कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। किसी का अहित न करें और सभी से प्रेम से बोलें।
गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। घर से बाहर न निकलें। कार्यक्षेत्र में मन नहीं लगेगा। व्यापार में भी घाटा हो सकता है। इस अवधि में जीवनसाथी का ध्यान रखें और जल्दबाजी में किसी भी तरह का फैसला न लें। तनाव और कलह की स्थिति से दूर रहने का प्रयास करें। मन की शांति के लिए परोपकार का काम करें।