समस्त भौतिक सुखों का कारक शुक्र ग्रह 22 जून मंगलवार को पुनर्वसु नक्षत्र के चतुर्थ चरण में गोचर करते हुए कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर ये 17 जुलाई की सुबह 9 बजकर 23 मिनट तक गोचर करेंगे उसके बाद सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे। शुक्र के इस गोचर का असर सभी राशियों पर शुभ-अशुभ रूप से पड़ेगा। मेष, वृष, मिथुन, कर्क, कन्या, तुला, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को इस अवधि में शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं। वहीं सिंह, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर अनुकूल नहीं होगा। जबकि धनु राशि पर गोचर का मिलाजुला असर देखने को मिल सकता है। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह के अशुभ प्रभाव बचने के लिए उपाय बताए गए हैं। इन उपायों से आप अपनी कुंडली में शुक्र ग्रह को मजबूत भी बना सकते हैं। जानते हैं कुंडली में शुक्र ग्रह को कैसे मजबूत करें..
Shukra Gochar 2021: शुक्र का होगा चंद्रमा की राशि में प्रवेश, जानें किस राशि को होगा फायदा, किसे नुकसान
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र ग्रह भौतिक सुख, कला, सौंदर्य, ऐश्वर्य और कामुकता का प्रतीक माना जाता है। यह लगभग 23 दिनों तक एक राशि में स्थित रहते हैं। इसके बाद ये राशि परिवर्तन करते हैं। शुक्र ग्रह को वृष और तुला राशि का स्वामित्व प्राप्त है। ये दोनों शुक्र की राशियां हैं। शुक्र देव कन्या राशि में नीच के माने जाते हैं। जबकि मीन में यह उच्च के होते हैं। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में प्रबल होता है तो उसका जीवन बहुत ही सुख और शांति से बीतता है। व्यक्ति सभी तरह के भौतिक सुखों का आनंद लेता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है उसका व्यक्तित्व आकर्षक होता है। शुक्र ग्रह के प्रभाव वाले जातक अपने जीवन में खूब यश और कीर्ति पाते हैं। मीडिया एवं कला, मनोरंजन के क्षेत्र में ख्याति अर्जित करते हैं।
कुंडली में शुक्र के कमजोर होने से व्यक्ति को आर्थिक परेशानियां और भौतिक चीजों की कमी सताने लगती है। इसके अलावा जीवन में दरिद्रता का आगमन, व्यक्ति में आकर्षक क्षमता का अभाव, स्त्री सुख में कमी एवं कामुकता शक्ति क्षीण हो जाती है।
ज्योतिष में शुक्र ग्रह
शुक्र ग्रह को शुभ बनाने के लिए इस मंत्र का जाप किया जाता है-
ॐ शुं शुक्राय नम:।
ॐ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुं
कुंडली में शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए शुक्रवार का व्रत रखें और मां लक्ष्मी की उपासना करें।
शुक्र को प्रबल करने के लिए हीरा और सफेद पुखराज पहना जाता है लेकिन रत्नों को धारण करने से पहले किसी अच्छे ज्योतिषी से सलाह जरूर ले लेना चाहिए। शुक्र की शुभता के लिए चींटियों और सफेद गाय को आटा खिलाना चाहिए। शुक्र यंत्र को विधि-विधान से पूजित कर पूजा स्थल पर रखें।