ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्याय प्रिय ग्रह माना गया है। शनि बहुत ही मंद गति से बारह राशियों में अपना चक्कर पूर्ण करते हैं। जिसके कारण शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या लगती है। शनि का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते हैं लेकिन शनि हमेशा ही अशुभ प्रभाव नहीं देते हैं। शनि के शुभ प्रभाव से रंक भी राजा के समान जीवन व्यतीत करता है। शनि को प्रसन्न करने हेतु और अशुभ प्रभाव से मुक्ति प्राप्त करने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं। लेकिन इससे पहले ये जान लेना आवश्यक है कि शनि के शुभ-अशुभ प्रभाव क्या हैं। जानिए शनि के शुभ-अशुभ लक्षण और उपाय।
शनि के शुभ-अशुभ लक्षणों की पहचान कर उसी के अनुसार करें निवारण
शनि की स्थिति शुभ होने पर जातक को हर क्षेत्र में प्रगति प्राप्त होती है। उसके जीवन से हर तरह की समस्या दूर हो जाती है। शनि के शुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति न्याय प्रिय होता है समाज के हित में कार्य करता है। ये लोग समाज में खूब मान-सम्मान प्राप्त करते हैं। उसके नाखून और बाल स्वस्थ, चमकदार एवं मजबूत होते हैं।
शनि के अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति के बाल तेजी से झड़ने लगते हैं हालांकि ऐसा सूर्य के बुरे प्रभाव के कारण भी हो सकता है।
शनिके बुरे प्रभाव के कारण अचानक आग लगना, मकान गिरना या क्षति ग्रस्त हो जाता है।
व्यक्ति के ऊपर कर्ज हो जाता है, अर्थिक स्थिति कमजोर होती जाती है।
धन, संपत्ति, मकान और रोजगार संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
शनि की शुभता के लिए उपाय
शनिवार के दिन एक पात्र में सरसों का तेल लेकर उसमें एक सिक्का डालकर पात्र में अपने चेहरे की छाया देखकर वह तेल दान कर दें।
शनि को अनुकूल बनाने के लिए हाथ में लोहे का छल्ला धारण करें, लेकिन ध्यान रखें कि शुभ स्थिति में छल्ला धारण न करें।
सफाई कर्मियों और निर्धनों के साथ अच्छा व्यवहार रखें।