सभी ग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह शनि हैं। शनि की मंद चाल से कई राशियों पर कई महीनों तक इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जिन राशियों पर शनि की अशुभ छाया पड़ती है उनको बहुत ढ़ेर सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जब भी शनि एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में जाते हैं तो उन पर शनि की साढ़ेसाती लग जाती है। शनि की साढ़ेसाती या दशा लगने पर वह जातक को अर्श से फर्श पर आ सकता है। वहीं दूसरी तरफ शनि की शुभ द्दष्टि पड़ने पर जातक रंक से राजा भी बन जाता है। जातक पर शनि का शुभ-अशुभ प्रभाव उसकी कुंडली में शनि किस भाव में आकर विराजमान है इस पर निर्भर करता है। सभी ग्रहों में शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है। ये व्यक्ति को कर्मो के आधार पर फल या दंड देते हैं।
शनि का असर: कुछ दिन बाद वक्री शनि से कौन-कौन से राशियां आएंगी परेशानी में, जानिए यहां...
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2021 में शनि
शनि के राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए ढाई वर्ष का समय लगाते हैं। शनि 2021 में कोई भी राशि नहीं बदलेंगे। इससे पहले दंडाधिकारी शनिदेव 7 जनवरी की शाम 5 बजकर 38 मिनट पर पश्चिम में अस्त हो गए हैं। फिर 09 फ़रवरी को पूर्व में उदय होंगे। इनका अस्त होना कई तरह के उतार-चढ़ाव लाता है। अस्त शनि होने पर जातकों पर इनका प्रभाव कम हो जाता है। 9 फरवरी 2021 को दोबारा उदय होने पर शनि का प्रभाव एक बार फिर से आरंभ हो जाएगा।
शनि की वक्री अवस्था
शनि साल 2021 में 23 मई को वक्री होने पर कई राशियों पर अपना प्रभाव डालेंगे। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मार्गी शनि शुभ जबकि वक्री शनि अशुभ फल प्रदान करते हैं। वक्री शनि से कई तरह की घटनाएं घटित होने लगती है जिसे अच्छा नहीं माना जाता। शनि मकर राशि में रहते हुए 23 मई को वक्री हो जाएंगे।
शनि के मकर राशि में रहते हुए वक्री चाल चलने पर पांच राशि के जातकों की परेशानियां बढ़ जाएंगे। शनि के मकर राशि में होने पर कुंभ, मकर और धनु पर शनि की साढ़ेसाती जबकि मिथुन और तुला पर ढैय्या का असर फिर से दिखाई देने लगेगा।
शनि दोष से छुटकारा पाने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ और शनि से जुड़ी चीजों का दान करना सबसे उपयुक्त उपाय माना गया है।