Vakri Shani ka Rashiyon par Prabhav: वैदिक ज्योतिष में शनि देव को न्याय और कर्म का कारक ग्रह माना गया है। शनि का चाल धीमी होने से वजह से लोगों के ऊपर इनका शुभ-अशुभ प्रभाव भी काफी देर रहता है। वैदिक ज्योतिष में शनि का राशि परिवर्तन बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। शनि के राशि परिवर्तन करने से कुछ राशि के लोगों पर साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाती है वहीं कुछ राशि वालों पर पहले से चल रही साढ़ेसाती खत्म हो जाती है। वर्तमान में शनि देव अपनी मूल त्रिकोण राशि कुम्भ में गोचर कर रहे हैं और 17 जून 2023 को वो अपनी ही राशि में वक्री हो जाएंगे। इसके बाद 4 नवम्बर को शनि मार्गी होंगे। शनि देव के वक्री होने से 3 राशियों को थोड़ा सावधान रहना होगा।आइये जानते है कि वो 3 राशियां कौन सी है।
Shani Vakri: 17 जून से 4 नवंबर तक वक्री रहेंगे शनि देव, इन 3 राशियों को होगी जमकर परेशानी
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता सिंह
Updated Fri, 12 May 2023 05:44 PM IST
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