ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि बहुत ही प्रभावशाली ग्रह हैं। शनि को सभी ग्रहों में इन्हें न्यायाधीश का दर्जा प्राप्त है। शनि देव व्यक्ति को उनके द्वारा किए गए अच्छे और बुरे बर्ताव के आधार पर ही शुभ या अशुभ फल देते हैं। शनि जब भी अपनी चाल बदलते हैं इस प्रभाव सभी राशियों के जातकों को गहरा पड़ता है। शनि बहुत ही मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं जिस कारण से जिन जातकों पर इनका प्रभाव पड़ता है उस असर काफी दिनों तक रहता है। शनि करीब ढाई सालों में अपनी राशि बदलते हैं। शनि के राशि बदलने पर कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती तो कुछ पर ढैय्या सवार हो जाती है। शनि की दशा चलने पर व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़ता है।
धनु, मकर और कुंभ समेत कुल पांच राशियों पर हैं शनि की छाया, जानिए कुछ उपाय
Shani Sade Sati 2020: शनि एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्षों का समय लेते हैं। शनि इस समय मकर राशि में गोचर हैं। शनि मकर राशि में रहते हुए 29 सितंबर से मार्गी चाल से चल रहे हैं। ऐसे में धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। इसके अलावा मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है।
कुंडली में शुभ शनि
जब शनिदेव किसी व्यक्ति की कुंडली में शुभ स्थिति में होते हैं तो व्यक्ति को उच्च पद, धन लाभ, मान सम्मान और समाज में लोकप्रिय बनाते हैं। इसके अलावा नौकरी और व्यापार में व्यक्ति को बहुत ही फायदा और तरक्की मिलती है।
कुंडली में अशुभ शनि
वहीं दूसरी तरफ अगर किसी की जन्म कुंडली में शनि अशुभ भाव में आ कर बैठ जाते हैं। तब व्यक्ति के ऊपर शनि की साढ़ेसाती सवार हो जाती है। शनि की अशुभ छाया पड़ने से व्यक्ति को हर दिशा से परेशानियां मिलती है। नौकरी, व्यापार, करियर और सेहत संबंधित तमाम तरह की दिक्कतें आने लगती है।
- "ॐ शं शनैश्चराय नमः"
- "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"
- "ॐ शन्नो देविर्भिष्ठयः आपो भवन्तु पीतये। स