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शनि की शुरू होने वाली है उल्टी चाल, इन राशि वालों को रहना होगा सावधान

Sat, 01 May 2021 07:31 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Sat, 01 May 2021 07:31 AM IST
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saturn retrograde from 23 may 2021 these three signs may affects
shani dev

23 मई से शनिदेव उल्टी चाल चलने वाले हैं। ज्योतिष में शनि ग्रह की विशेष भूमिका मानी जाती है। शनि व्यक्तियों को उनके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनि किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षो तक रहते हैं। इसके अलावा शनि वक्री से मार्गी और मार्गी से वक्री भी होते रहते हैं। शनि इस समय मकर राशि में विराजमान हैं। शनि 23  मई से मकर राशि में ही उल्टी चाल से चलने लगेंगे। शनि के उल्टी चाल से उन राशि के जातकों पर प्रभाव पड़ेगा जिनके ऊपर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है।

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राशि

धनु राशि
शनि की साढ़ेसाती धनु राशि पर चल रही है। धनु राशि में शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण है। ऐसे में 23 मई से शनि के वक्री होने पर  इस राशि के जातकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। नुकसान होने के संकेत हैं। जब शनिदेव 29 अप्रैल 2022 को मकर राशि से कुंभ राशि में आ जाएंगे तब धनु राशि के जातकों से शनि की साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी। शनि के साढ़ेसाती से मुक्ति मिलते ही परेशानियों से निजात मिल जाएगी। हालांकि शनिदेव एक बार फिर से 12 जुलाई 2021 से 17 जनवरी 2023 तक वक्री चाल से चलते हुए मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस कारण से एक बार फिर से धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती चढ़ जाएगी। लेकिन इस बार शनि का प्रभाव पहले जैसा नहीं रहेगा। 17 जनवरी 2023 के बाद से धनु राशि के जातकों से शनि की साढ़ेसाती पूरी तरह से हट जाएगी।

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राशि

मकर राशि 
शनि इसी राशि में वर्तमान समय में विराजमान है। ऐसे में 23 मई से शनि की उल्टी चाल से नौकरी और सेहत में परेशानियां बढ़ जाएंगी। 2025 में मकर राशि से शनि की साढ़ेसाती खत्म होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि जिस एक राशि में ढाई साल तक रहते हैं उस राशि से एक राशि पहले और एक राशि बाद तक शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहता है। कहने का अर्थ है तीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती ढाई-ढाई साल के लिए रहती है। शनि जब मीन राशि में गोचर करेंगे तब मकर राशि के जातकों को शनि की साढ़े साती के प्रभाव से मुक्ति मिलेगी।

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राशि

कुंभ राशि
ज्योतिष गणना के अनुसार कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। शनि इस राशि के स्वामी भी हैं ऐसे में शनि के वक्री होने पर आपके काम कामकाज में गिरावट देखने को मिल सकती है।  ज्योतिषीय गणना के अनुसार, यदि आपकी जन्म कुंडली में वक्री शनि शुभ स्थिति में हैं तो आपको इस अवधि में शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। वहीं अशुभ होने पर आपके कार्यों में तमाम प्रकार की बाधाएं आएंगी। अशुभ शनि जातकों को शारीरिक और मानसिक कष्ट देते हैं। 

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