वैदिक ज्योतिष के अनुसार शुक्र को जीवाश्म का कारक ग्रह माना जाता है। वायरस चाहे जैसा भी हो इस पर शुक्र ग्रह का ही प्रभाव देखने को मिलता है। ऐसे में फलित ज्योतिष के अनुसार शुक्र का राशि परिवर्तन भारत में कोरोनो जैसे महामारी को रोकने में मददगार साबित होने का संकेत दे रहा है। जीवोत्पत्ति का कारक शुक्र मेष राशि की यात्रा समाप्त करके स्वयं की राशि वृष में 28 मार्च को प्रवेश करेगा। जहां यह 4 महीने तक लंब अवधि तक रहेगा। ऐसे में सभी 12 राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा आइए करते हैं इसका ज्योतिष विश्लेषण.....
मेष राशि- राशि से धन भाव में गोचर आकस्मिक धन प्राप्ति के योग तो बना रहा है किंतु, किसी महंगी वस्तु का क्रय करेंगे स्वास्थ्य विशेष करके दाहिनी आंख का ध्यान रखें। परिवार में एकजुटता बनाए रखें इतने दिनों तक आपके धन भाव में शुक्र का गोचर कर्फ्यू के दौरान हो रहे नुकसान की भरपाई करेगा।
वृषभ राशि- आपकी राशि में शुक्र का आगमन किसी वरदान से कम नहीं है सभी सोची समझी रणनीतियां कारगर रहेगी यहां तक की इन 4 महीनों में आप केंद्र अथवा राज्य सरकार के प्रमुख प्रतिष्ठानों से किसी भी तरह की मदद लेना चाहें अथवा नौकरी हेतु आवेदन करना चाहे तो परिणाम आपके पक्ष में आने के योग।
मिथुन राशि- राशि से व्यय भाव में शुक्र का गोचर शिक्षा-प्रतियोगिता एवं संतान संबंधी चिंता बढ़ा सकता है इसलिए हर कार्य अथवा निर्णय बहुत सोच विचार कर लें विलासिता पर अधिक खर्च होगा। शुक्र के इस गोचर काल में यदि विदेश यात्रा अथवा विदेशी नागरिकता के लिए आवेदन आदि करना चाहे तो परिणाम सार्थक रहेगा।
कर्क राशि- राशि से लाभभाव में शुक्र का गोचर अब तक के आपके सभी नुकसान की भरपाई कर देगा। आय के एक से अधिक साधन बनेंगे। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी शिक्षा प्रतियोगिता में भी अच्छी सफलता हासिल होगी। उच्चाधिकारियों से मधुर संबंध बनाए रखें नौकरी में पदोन्नति एवं परिवार के बड़े सदस्यों से आर्थिक लाभ मिलेगा।