चराचर जगत में जीवोत्पत्ति के कारक शुक्र ग्रह अपनी राशि तुला में 4 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 13 मिनट में प्रवेश कर रहे हैं। जहां ये पहले से विराजमान युवराज बुध के साथ युति करेंगे। फलित ज्योतिष में तुला राशि में शुक्र और बुध की युति अति सुखद मानी गई है। शुक्र वृषभ और तुला राशि के स्वामी होते हैं। कन्या राशि इनकी नीच संज्ञक राशि है और मीन राशि इनकी उच्च संज्ञक राशि है।
शुक्र के योगदान के बगैर सृष्टि सृजन की परिकल्पना नहीं की जा सकती। अतः इनका उदय-अस्त और राशि परिवर्तन बड़ी घटना के रूप में देखा जाता है। जन्मकुंडली में शुक्र के बलाबल के आधार पर व्यक्ति का पारिवारिक जीवन, सामाजिक अस्तित्व और उसके आध्यात्मिक जीवन का विवेचन किया जाता है। शुक्र और बुध का तुला राशि में संयोग सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आइए इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
मेष राशि- राशि से सप्तम भाव में शुक्र का जाना बेहतरीन लाभ देगा। मांगलिक कार्यों का शुभ अवसर आएगा। शादी-विवाह संबंधी वार्ता सफल रहेगी। यदि आप व्यापार करते हैं तो आय में बढ़ोत्तरी होगी। महिला वर्ग के लिए यह और भी अच्छा साथ सिद्ध होगा।
वृषभ राशि- कार्यक्षेत्र की दृष्टि से तो ये युति शुभ है किंतु, विलासिता संबंधी वस्तुओं पर अधिक खर्च होगा। भागदौड़ अधिक करेंगे। प्रयास करें कि इस अवधि के कर्ज के लेन-देन और गुप्त शत्रुओं से बचें। कार्यक्षेत्र में अपनी वाणी को सोच समझकर प्रयोग करें।
मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए शिक्षा-प्रतियोगिता में बेहतरीन सफलता, संतान की प्राप्ति अथवा प्रादुर्भाव के भी योग बन रहे हैं। वैवाहिक मामलों में सफलता मिलेगी। सरकार के संस्थानों में सर्विस हेतु आवेदन करना चाहें तो परिणाम सुखद रहेगा।
कर्क राशि- चतुर्थ भाव में शुक्र और बुध की युति मानसिक और पारिवारिक संबंधी चिंता से मुक्ति देगी। परिवार के बड़े बुजुर्गों से सहयोग मिलेगा, अपने स्वभाव में नम्रता बरकरार रखें, नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना हो तो विलंब ना करें। यह अवसर बेहतर है।