महान ग्रह शुक्र 31 जुलाई की मध्यरात्रि पश्चात 05 बजकर 07 मिनट पर अपनी स्वयं कि राशि वृषभ की यात्रा समाप्त करके अपने मित्र बुध की राशि मिथुन में प्रवेश कर रहे हैं। मिथुन राशि में ही ये पहले से विराजमान स्वगृही बुध साथ मेल करेंगे। इसी राशि में राहु भी पहले से गोचर कर रहे हैं अतः बुध शुक्र और राहु के द्वारा इस राशि में त्रिग्रही योग का निर्माण होगा जिसका सामान्य मानवीय पर सीधा असर पड़ेगा। बृषभ एवं तुला राशि के स्वामी शुक्र कन्या राशि में नीच राशि गत एवं मीन राशि में उच्च राशि गत माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन एवं अन्य ग्रहों के साथ होने वाले इनकी युतियों का प्रभाव सर्वाधिक रहता है इसलिए सभी बारह राशियों पर इनके गोचर का प्रभाव कैसा रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
मेष राशि- राशि से तृतीय भाव में बना हुआ यह योग आपका आर्थिक पक्ष मजबूत करेगा। साहस-पराक्रम की वृद्धि भी होगी और आपके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना भी होगी जिससे समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कोर्ट कचहरी के मामलों में भी निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत किन्तु भाइयों से मतभेद ना पैदा होने दें। विदेश यात्रा अथवा विदेशी नागरिकता के लिए वीजा आदि का आवेदन करना शुभ रहेगा।
वृषभ राशि- राशि से धनभाव में बना हुआ यह योग आपके लिए मकान वाहन के क्रय का संयोग बनाएगा। आकस्मिक धन प्राप्ति के योग तो हैं ही दिया गया धन वापस मिलेगा। केंद्र अथवा राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों से कोई भी कार्य निकलवाना हो तो अच्छा है, स्वास्थ्य के प्रति ध्यान रखें। अपनी जिद एवं आवेश पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करेंगे तो सफलता भी मिलेगी और सम्मान प्राप्ति भी होगी।
मिथुन राशि- आपकी राशि पर बना हुआ तीन ग्रहों का संयोग पहले आरही राहु की अशुभता में कमी लाएगा। रोजगार की दिशा में किए गए प्रयास भी सार्थक रहेंगे। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले प्रतियोगियों के लिए गोचर अति अनुकूल रहेगा। विदेशी कंपनी में सर्विस आदि का आवेदन करना भी शुभ रहेगा। विवाह से संबंधित वार्ता सफल रहेगी तथा नव दंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के योग।
कर्क राशि- राशि से बारहवें भाव में बना हुआ यह योग विलासिता के कार्यों पर अधिक खर्च करवाएगा। यात्रा देशाटन का लाभ मिलेगा। हो सकता है किसी संबंधी अथवा मित्र से कष्टकर समाचार का सामना भी करना पड़े। मकान वाहन के क्रय का सपना पूरा हो सकता है। स्वास्थ्य विशेष करके बाई आंख का ध्यान रखें। गुप्त शत्रुओं से बचें और उस कोर्ट कचहरी के मामले बाहर ही सुलझा लें तो बेहतर रहेगा।