27 जुलाई 2018 को एक बार फिर भारत में चंद्र ग्रहण का बेहतरीन नजारा दिखाई देगा। यह ग्रहण रात को 11 बजकर 43 मिनट से शुरू होगा जो 28 जुलाई की सुबह 5 बजे खत्म होगा। चंद्रग्रहण का सबसे अच्छा नजारा एशिया और अफ्रीका में दिखाई देगा। आइए जानते हैं ग्रहण से जुड़े कुछ रोचक बातें।
महान गणितज्ञ आर्यभट्ट ने ग्रहण की वैज्ञानिक परख की थी। उनके अनुसार चंद्रग्रहण तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आती है तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इसी तरह सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा के आने पर चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है तो सूर्यग्रहण होता है।
चंद्र ग्रहण को देखना पूरी तरह सुरक्षित होता है और इसके लिए किसी खास उपकरण की आवश्यकता भी नहीं होती। जबकि सूर्यग्रहण को देखते वक्त थोड़ी सावधानी जरूर बरतनी चाहिए क्योंकि सूर्य की चमक तेज होती है।
इस बार का चंद्र ग्रहण सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा के केंद्र पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान लगभग सीधी रेखा में होंगे तो सूर्य के प्रकाश की न्यूनतम मात्रा वायुमंडल से छनकर निकल पाएगी, जिससे चंद्रमा पर अंधेरा दिखाई पड़ेगा।
27 जुलाई को रात के समय चंद्र ग्रहण तो दिखाई देगा ही साथ ही आकाश में एक अन्य लाल रंग का चमकता हुआ पिंड मंगल भी अपना विशेष प्रभाव छोड़ने जा रहा है। दरअसल उस दिन मंगल ग्रह सूर्य के लगभग विपरीत दिशा में होगा और इसलिए यह ग्रह पृथ्वी के करीब होगा। उस दौरान लाल ग्रह मंगल और लाल रंग का चंद्रमा रात के आकाश में चकाचौंध पैदा करेंगे।