Surya Grahan 2020: 21 जून को सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण रविवार को दिखाई देगा। ग्रहण सुबह 10 बजकर 15 मिनट से शुरू होगा जो 3 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण में पूजा-पाठ या किसी तरह का कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। ग्रहण में मंत्रों का जाप करना बहुत ही उपयोगी सिद्ध होता है। यह सूर्य ग्रहण भारत के अलावा एशिया, अफ्रीका और यूरोप के में भी दिखेगा। ग्रहण का समय अलग-अलग रहेगा।
Surya Grahan 2020: सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद जरूर करें ये काम, मिलेगा लाभ
साल का यह पहला ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र और मिथुन राशि में लगेगा। ग्रहण के दौरान एक साथ 6 ग्रह वक्री अवस्था में मौजूद रहेंगे। जिसमें गुरु, शनि,मंगल, शुक्र, राहु और केतु हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस तरह के योग को शुभ नहीं माना जाता है। इसमें कई तरह की प्राकृतिक आपदा और तनाव होने की संभावना बनी रहती है। कुछ ज्योतिषाचार्यो का मानना है कि इसी तरह का संयोग सन 1962 में भी बना था तब भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ था।
Surya Grahan 2020: 21 जून को 'रिंग ऑफ फायर' के रूप में दिखेगा सूर्य ग्रहण, लाइव नजारा यहां देख सकेंगे
ग्रहण का ज्योतिष शास्त्रों में विशेष भूमिका मानी जाती है। ग्रहण के समय कई तरह की नकारात्मक ऊर्जाएं हावी हो जाती है क्योंकि ग्रहण के समय समस्त सृष्टि में भगवान पर संकट छाया रहता है और जब तक राहु का ग्रास खत्म नहीं होता तब सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा हावी रहती है। इस नकारात्मक ऊर्जा का असर सभी राशियों के जातकों पर भी पड़ता है आइए जानते हैं तुला, वृश्चिक और धनु राशि के जातकों पर इस सूर्य ग्रहण का कैसा प्रभाव देखने को मिलेगा और इन राशि के जातकों को कौन सा मंत्रों का जाप करना उचित रहेगा।
तुला राशि- भाग्य उन्नति में कुछ रुकावटें आ सकती है तथा अधिकारियों से मतभेद भी हो सकता है। धर्म-कर्म के मामलों अधिक ध्यान लगाएं, कुछ भाग्य बाधा आएगी किंतु हताश ना हों थोड़े दिन बाद इसमें सुधार आना आरंभ हो जाएगा। जितनी मेहनत करेंगे उसका आधा फल ही आपको मिलेगा। ॐ नमः शिवाय करालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप परेशानियों से मुक्त करेगा।
वृश्चिक राशि- ग्रह गोचर कुछ हफ्तों तक परेशान करेंगे। स्वास्थ्य संबंधित चिंता तंग करेगी। कार्य क्षेत्र में भी गुप्त शत्रुओं से बचते रहें। लोग नीचा दिखाने की पूरी कोशिश करेंगे किन्तु कामयाब नहीं हो पाएंगे। ससुराल पक्ष से रिश्ते बिगड़ने न दें। महामृत्युंजय मंत्र का जप करना आपके लिए सबसे अच्छा रहेगा। या केवल ॐ जूं सः मंत्र का जप भी उत्तम रहेगा।