सूर्य एक मात्र प्रत्यक्ष देवता है जिनके दर्शन प्रतिदिन होते हैं। किसी भी जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति से व्यक्ति की दृढ़ शक्ति, चरित्र, साहस, आरोग्यता, चुस्त-दुरुस्त शरीर, सहनशीलता, जीवन शक्ति, आत्मविश्वास और नेतृत्व करने की क्षमता का पता चलता है। राजनीतिज्ञों, शासन में उच्च पदाधिकारियों, राजनयिकों, चिकित्सकों और वैज्ञानिकों की कुंडली में सूर्य का बली होना आवश्यक है जो उन्हें जीवन में सर्वश्रेष्ठ बनाने में सहायक होता है। 17 अगस्त 2018, शुक्रवार को सूर्य सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं। सूर्य को सिंह राशि का स्वामित्व प्राप्त है, अत: सिंह राशि के जातकों को लाभ मिलने की संभावना है। प्रभाव सभी राशियों पर रहेगा। आइए जानते हैं कि सूर्य का यह राशि परिवर्तन किन राशियों के लिए शुभ और किनके लिए कष्टकारी होगा —
सूर्य का सिंह राशि में गोचर : जानें किसे मिला वरदान और किन्हें रहना होगा सावधान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेष राशि वाले जातकों की कुंडली में पंचम भाव का स्वामी होने के कारण कार्यक्षेत्र में तरक्की की संभावना है। आय में वृद्धि होगी और राजकीय पक्ष से लाभ के साथ-साथ कार्यो में थोड़ी-बहुत बाधाएं आ सकती है। जीवनसाथी से तर्क-वितर्क से बचें। बच्चों को अनुशासित रखने की आवयकता है।
उपाय — प्रात:काल उगते हुए सूर्य का दर्शन करें। अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें।
वृष :
वृष राशि वाले जातकों की कुंडली में सूर्य चतुर्थ भाव का स्वामी होने के कारण, सूर्य के गोचर का प्रभाव परिवार पर पड़ता दिखाई दे रहा है। घर के सदस्यों के साथ अनबन की संभावना है लेकिन माता का सपोर्ट मिलेगा। दशम भाव गोचर के सूर्य की दृष्टि होने से कार्यक्षेत्र में पदोन्नति पद प्राप्ति के योग बनेंगे।
उपाय — परिजनों से अनावश्यक तर्क-वितर्क से बचें। प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ें।
मिथुन :
इस राशि वाले जातकों की कुंडली में सूर्य तृतीयेश होने के कारण जो कि पराक्रम भाव और हॉबी का भाव भी है, यहां का स्वामी होने के कारण जातक की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। जोखिम लेकर भी कार्य पूर्ण करेंगे। इस अवधि में जमकर मेहनत करेंगे। छोटी दूरी की यात्रा की भी संभावना है जो कि आपके लिए अनुकूल साबित होगी।
उपाय — गायत्री मंत्र का जाप करके शुभता में वृद्धि कर सकते हैं।
कर्क :
सूर्य इस कुंडली में द्वितीय भाव का स्वामी है, इसलिए आर्थिक दृष्टि से शुभ परिणाम देगा। बचत करने में कामयाब होंगे और अपने वरिष्ठ का सहयोग भी मिलेगा लेकिन क्रोध और अंहकार से बचें। सेहत का विशेष रूप से ध्यान रखें।
उपाय — वाणी पर संयम रखें और प्रात:काल सूर्य को जल दें।