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Grahan 2026: 12 और 28 अगस्त को दो बड़े ग्रहण, जानें ज्योतिष के अनुसार क्या होगा भारत पर इसका असर

Manoj Kumar Dwivedi मनोज कुमार द्विवेदी
Updated Tue, 11 Aug 2026 04:25 PM IST
सार

Solar Eclipse 2026: भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा. प्रचलित धार्मिक मान्यता के अनुसार जहां ग्रहण दृश्य नहीं होता, वहां सूतक लागू नहीं माना जाता. इसलिए भोजन बनाने, मंदिर जाने, पूजा करने या शुभ कार्य रोकने की आवश्यकता नहीं है। आइए प्रभावों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

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Solar Eclipse 2026 Two Eclipses in August, India Visibility, Sutak Period and Global Impact
अगस्त में दो ग्रहण जानें भारत पर क्या होगा असर - फोटो : AI

Solar Eclipse 2026: हरियाली अमावस्या (12 अगस्त बुधवार) सूर्य ग्रहण का भारत में प्रभाव नहीं होगा। भारतीय समयानुसार, 12 अगस्त को लगने वाला सूर्य ग्रहण रात 9 बजकर 4 मिनट से आरंभ होगा. ग्रहण का समापन 13 अगस्त को देर रात 1 बजकर 27 मिनट पर होगा।भारत में इस सूर्य ग्रहण की दृश्यता न होने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा. प्रचलित धार्मिक मान्यता के अनुसार जहां ग्रहण दृश्य नहीं होता, वहां सूतक लागू नहीं माना जाता. इसलिए भोजन बनाने, मंदिर जाने, पूजा करने या शुभ कार्य रोकने की आवश्यकता नहीं है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी भारत में इस ग्रहण के कारण किसी विशेष प्रतिबंध की जरूरत नहीं है. सामान्य स्वास्थ्य सावधानियां ही पर्याप्त हैं. ग्रहण से जुड़े भय या अप्रमाणित बातों पर विश्वास करने से बचें।


 

Solar Eclipse 2026 Two Eclipses in August, India Visibility, Sutak Period and Global Impact
एक पखवाड़े में दो बड़े ग्रहण - फोटो : Adobe Stock

एक पखवाड़े में दो बड़े ग्रहण
अगस्त के महीने में एक ही पखवाड़े (15 दिनों के भीतर) में दो बड़े ग्रहण लगने जा रहे हैं, जिसका देश और दुनिया पर गहरा खगोलीय, प्राकृतिक और ज्योतिषीय प्रभाव देखने को मिल सकता है। इसे महाभारत काल जैसे बड़े संयोग के रूप में देखा जाता है, जो व्यापक स्तर पर प्रभाव डाल सकता है।

इस दुर्लभ संयोग में पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को (हरियाली अमावस्या पर) और दूसरा आंशिक चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को (रक्षाबंधन पूर्णिमा पर) लगेगा।

चूंकि ये दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे, इसलिए यहाँ इनका सूतक काल मान्य नहीं होगा और न ही रक्षाबंधन के त्योहार पर कोई धार्मिक व्यवधान आएगा। हालांकि, मुंडेन ज्योतिष और खगोलीय विज्ञान के अनुसार वैश्विक स्तर पर इसके प्रभाव हो सकते हैं।

Solar Eclipse 2026 Two Eclipses in August, India Visibility, Sutak Period and Global Impact
एक पखवाड़े में दो ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव - फोटो : adobe stock

एक पखवाड़े में दो ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, एक ही पखवाड़े (15-16 दिन) के भीतर दो ग्रहणों का होना बेहद संवेदनशील और उथल-पुथल मचाने वाला माना जाता है।

वराहमिहिर द्वारा रचित ग्रंथ बृहत्संहिता के राहुचाराध्याय में लिखा है कि जब दो-दो ग्रहण एक साथ एक ही महीने में होते हैं तो तूफान, भूकंप, मानवीय भूल से बड़ी संख्या में जनहानि होने के योग बनते हैं।

एक ही महीने में सूर्य और चंद्र ग्रहण होते हैं तो सेनाओं की हलचल बढ़ती है. सरकारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. प्राकृतिक आपदा आने के योग रहते हैं।

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इन दोनों ग्रहणों का देश और दुनिया पर पड़ने वाला संभावित प्रभाव - फोटो : adobe

इन दोनों ग्रहणों का देश और दुनिया पर पड़ने वाला संभावित प्रभाव

ग्रहण की तिथियां और दृश्यता
पूर्ण सूर्य ग्रहण (12 अगस्त 2026):
यह ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और रूस के कुछ हिस्सों में पूरी तरह दिखाई देगा। भारत में रात होने के कारण यह दिखाई नहीं देगा।

आंशिक चंद्र ग्रहण (28 अगस्त 2026): यह ग्रहण यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका में दिखाई देगा। यह भी भारत में अदृश्य रहेगा।

सूतक काल: भारत में दोनों ग्रहण न दिखने के कारण यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। इसलिए रक्षाबंधन (28 अगस्त) सहित सभी धार्मिक कार्य सुचारू रूप से किए जा सकेंगे।

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वैश्विक स्तर पर प्रभाव - फोटो : Freepik

वैश्विक स्तर पर प्रभाव
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, एक पखवाड़े में दो ग्रहणों का संयोग वैश्विक स्तर पर निम्नलिखित बड़े बदलाव या संकेत लाता है।

  • आंदोलन और प्रदर्शन: देश-दुनिया में नागरिक अशांति, विरोध प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां खड़ी होती हैं, जिससे सत्ता को संभालने में कठिनाई आती है।
  • भूकंप और चक्रवात: अमावस्या और पूर्णिमा के आस-पास पड़ने वाले ये ग्रहण पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण को प्रभावित करते हैं। इससे दुनिया के कई हिस्सों में भूकंप, समुद्री तूफान और आगजनी जैसी प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ सकती है।
  • असामान्य मौसम: कुछ देशों में अत्यधिक बारिश या अचानक सूखे जैसी स्थिति बन सकती है।


ज्योतिषाचार्य पं.मनोज कुमार द्विवेदी

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