सितंबर का महीना ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से काफी महत्वपूर्ण है। सितंबर के महीने में कई ग्रहों की चाल बदलने वाली है। इस महीने में सूर्य, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु, राहु-केतु और शनि की चाल में बदलाव होगा। इनमें से सूर्य, बुध, शुक्र और राहु-केतु एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में प्रवेश करेंगे। जबकि मंगल वक्री होंगे। गुरु और शनि की चाल वक्री से मार्गी में बदल जाएगी। एक महीने में इतने ग्रहों का परिवर्तन ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में 9 ग्रहों की चाल में परिवर्तन का सभी राशियों पर इसका व्यापक पड़ेगा।
सात ग्रहों की चाल में बदलाव, जानिए किस राशि के लिए शुभ और किसके लिए अशुभ
सूर्य का राशि परिवर्तन
इस महीने के 17 सितंबर को सूर्य सिंह राशि को छोडकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पर यह 17 अक्टूबर तक इसी राशि में भ्रमण करेंगे। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य एक महीने में अपनी राशि बदलते हैं। कुंडली में सूर्य के मजबूत होने पर व्यक्ति को मान-सम्मान, यश और तरक्की मिलती है।
शुभ प्रभाव- मेष, कर्क और धनु
अशुभ प्रभाव- वृष, मिथुन, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक
मिला जुला प्रभाव- मकर, कुंभ और मीन
अत्यंत साहसी और पराक्रमी ग्रह पृथ्वी पुत्र मंगल 10 सितंबर की सुबह 3 बजकर 50 मिनट पर वक्री होंगे और 4 अक्टूबर की सुबह 10 बजकर 05 मिनट पर वापस मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे पुनः मंगल 14 नवंबर को मार्गी होंगे।
शुभ प्रभाव- कुंभ, मीन और वृश्चिक
अशुभ प्रभाव- कर्क , सिंह, कन्या और तुला
मिलाजुला प्रभाव- मेष, वृष, मिथुन, मकर और धनु
बुध का राशि परिवर्तन
3 सितंबर को बुध ग्रह ने कन्या राशि में प्रवेश किया है फिर इसके बाद 22 सितंबर को तुला राशि में प्रवेश करेंगे। बुध के राशि परिवर्तन का प्रभाव युवाओं, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में सर्वाधिक प्रभाव पड़ता है। बुध चंद्रमा को अपने शत्रु मानते हैं किंतु चंद्रमा बुध को अपना मित्र मानते हैं। तभी इन दोनों के परस्पर विरोधाभासी प्रभाव दिखते रहते है। बुध मिथुन और कन्या राशि के स्वामी होते हैं। मीन राशि में नीच राशिगत और कन्या राशि में उच्च राशिगत में कहे गए हैं।
शुभ प्रभाव- मेष, कर्क, सिंह और कुंभ
अशुभ प्रभाव- वृष, मिथुन, कन्या, तुला और वृश्चिक
मिलाजुला प्रभाव- मकर, धनु और मीन
गुरु होंगे मार्गी
13 सितंबर 2020 से गुरु धनु राशि में मार्गी हो रहे हैं जहां पर यह 20 नवंबर तक रहेंगे। धनु और मीन राशि के स्वामी बृहस्पति कर्क राशि में उच्च तथा मकर राशि में नीचराशिगत माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का पृथ्वी वासियों पर प्रत्यक्ष प्रभाव दिखाई देता है
शुभ प्रभाव- मेष, मिथुन और वृश्चिक
अशुभ प्रभाव- वृष, कर्क, कन्या और तुला
मिला जुला प्रभाव- सिंह, धनु, मकर, कुंभ और मीन