Astrology: चंद्रमा की अन्य ग्रहों के साथ युति का फल कैसा होता है ? जानिए
ज्योतिष में मंगल अग्नि का कारक है, मंत्रिमंडल में सेनापति है और मनुष्य में क्रोध का कारक है वही चन्द्रमा मन का कारक है। ऐसे में जब चंद्र और मंगल की युति होती है तो जातक साहसी हो जाता है, ज्योतिष में इसे लक्ष्मी योग बोला जाता है। जातक महत्वाकांक्षी होगा लेकिन अगर मंगल की पोजीशन अच्छी नहीं हो या बलवान नहीं हो तो ब्लड सर्कुलेशन ठीक नहीं होगा और रक्त सम्बन्धी बीमारियां होगी। चंद्र एक स्त्री ग्रह है और मंगल पुरुष है, सेनापति है, उग्र है। अगर मंगल चंद्र की युति अशुभ भावों में हो या पाप ग्रह से दृष्ट हो तो ऐसा व्यक्ति अति क्रोधी भी हो सकता है।
चंद्र -बुध युति
बुध ज्योतिष में तर्क, विवेक, ज्ञान, खेल, गणित, ज्योतिषी है। चंद्र जब बुध के साथ युति करता है तो जातक बहुत पढ़ने लिखने वाला होता है। बुध राजयोग बनाकर बैठ जाए तो जातक धनवान हो जाएगा, बड़ा लेखक होगा, पत्रकार हो जाएगा। चंद्रमा मन का कारक है तो बुध के साथ जिसका जुड़ाव हो जाए तो जातक बहुत अच्छी कहानियां लिखता है, बहुत बड़ा उपन्यास लिखने वाला होता है। बुध वकील है, ज्योतिषी है, गणितज्ञ है तो ऐसा आदमी बहुत बढ़िया ज्योतिषी हो जाएगा। कहते है कि बुध के सहयोग के बिना कोई ज्योतिषी नहीं बन सकता तो चंद्रमा बुध की युति सोने पर सुहागा का काम करती है। यहां एक ध्यान देना ज़रूरी है कि इस युति पर राहु शनि के प्रभाव से जातक डरपोक हो सकता है।
चंद्र- गुरु युति
ज्योतिष में गुरु ज्ञान का कारक है, पंडित है, मंदिर को दर्शाता है, वेद है पुराण है शास्त्र है। गुरु प्रधान जातक ज्ञानी होता है। वेदों को समझता है। चंद्र गुरु की युति से गजकेसरी योग का निर्माण होता है, यह एक प्रकार का बेहतरीन राजयोग होता है जिससे जातक अत्यधिक बुद्धिमान, गंभीर और मंत्रों का ज्ञाता हो जाएगा। अगर स्त्री की कुंडली में यह योग है तो ऐसी स्त्री का पति बहुत धनी और गुणी होता है। उसे सदा पति का सुख मिलता है। उसके पति के पास कभी धन की कमी नहीं होती है। ऐसा व्यक्ति बहुत बढ़िया टीचर होगा, जिसका बृहस्पति अच्छा होता है वो नेचुरल टीचर होता है। उसमें अगर चन्द्रमा का गुण आ जाए तो ऐसा जातक उच्च कोटि का वक्ता होता है। अगर वाणी भाव से सम्बन्ध बन जाए तो उस व्यक्ति के लाखों श्रोता होंगे। वो जो भी लिखता है उसे गंभीरता से लोग पढ़ते है।
शुक्र स्त्री ग्रह है, ज्योतिष में इससे भोग का विचार किया जाता है, समस्त भौतिक सुख सुविधा शुक्र के ही आधीन है। जब चन्द्रमा शुक्र के साथ युति करता है तो सबसे पहले तो जातक बहुत ही सुन्दर होगा, कला प्रेमी होगा। शुक्र से संगीत का भी विचार किया जाता है तो ऐसे जातक को संगीत की अच्छी समझ होगी वही वो संगीतकार भी बन सकता है।स्त्री की कुंडली में यह योग उसे बहुत अधिक आकर्षक बना देता है, वो महत्वाकांक्षी होती है। उच्च पद पर नौकरी करती है लेकिन इस योग में अगर मंगल आ जाये तो जातक कामुक हो जाता है। ऐसे में उसके एक से अधिक सम्बन्ध बन जाते हैं और विवाह के बाद बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ जाता है। चंद्र शुक युति एक स्त्री संतान देती है जो मनुष्य का कल्याण करती है। ऐसे व्यक्ति की पुत्री उसका नाम रोशन करती है।