ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी नौ ग्रह एक नियमित अंतराल में एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में भ्रमण करते हैं। ग्रह राशि परिवर्तन के साथ सीधी और उल्टी चाल से भी चलते हैं जिसे ज्योतिष की भाषा में वक्री या मार्गी चाल कहते हैं। 14 अक्तूबर को बुध तुला राशि में गोचर रहते हुए वक्री होंगे। इसके बाद 3 नवंबर की रात्रि 11 बजकर 15 पर इसी राशि पर भ्रमण करते हुए मार्गी हो जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र में बुध को सूर्य के समान तेजस्वी दिव्य पीतांबरधारी, संपूर्ण आभूषणों से विभूषित, अर्थशास्त्रों के ज्ञाता, उत्कृष्ट बुद्धि संपन्न, मधुर वाणी बोलने वाले महान गणितज्ञ माना गया है।
ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह का महत्व, तुला राशि में बुध का वक्री किसके लिए वरदान
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 13 Oct 2020 01:33 PM IST
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